सदन: पनवेल में बिजली वितरण व्यवस्था को सक्षम 201 करोड़ रुपए का प्रारूप तैयार, मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध कराई जाएगी पोर्टेबल एमआरआई मशीन, राज्य वक्फ बोर्ड को बर्खास्त करें सरकार

पनवेल में बिजली वितरण व्यवस्था को सक्षम 201 करोड़ रुपए का प्रारूप तैयार, मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध कराई जाएगी पोर्टेबल एमआरआई मशीन, राज्य वक्फ बोर्ड को बर्खास्त करें सरकार
  • विप में भाजपा विधायक प्रवीण बोले- बोर्ड ने 17 सालों से ऑडिट रिपोर्ट नहीं किया पेश
  • राज्य वक्फ बोर्ड को बर्खास्त करें सरकार - दरेकर
  • सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी पोर्टेबल एमआरआई मशीन

Mumbai News. पनवेल में बिजली वितरण व्यवस्था को सक्षम करने के लिए 201 करोड़ 72 लाख रुपए का एक्शन प्रारूप तैयार किया गया है। इसके जरिए बिजली उपकेंद्रों का क्षमता बढ़ाने, नई बिजली लाइन और वितरण व्यवस्था को अधिक सक्षम किया जाएगा। विधान परिषद में प्रदेश की ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर ने यह जानकारी दी। गुरुवार को सदन में भाजपा विधायक विक्रांत पाटील ने नियम 92 के तहत पनवेल में बिजली आपूर्ति खंडित होने का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में बोर्डीकर ने कहा कि अप्रैल, मई और जून महीने में भीषण गर्मी होने के कारण बिजली की मांग बढ़ी थी। इससे कई जगहों पर वितरण व्यवस्था पर दबाव पड़ा था।

राज्य वक्फ बोर्ड को बर्खास्त करें सरकार - दरेकर

विधान परिषद में भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड को बर्खास्त करने की मांग की है। गुरुवार को सदन में दरेकर ने कहा कि राज्य वक्फ बोर्ड के अधिनियम के तहत हर साल ऑडिट रिपोर्ट सरकार को सौंपा जाना चाहिए। लेकिन साल 2008 से अभी तक 17 सालों से राज्य वक्फ बोर्ड ने सरकार को एक बार भी ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं किया है। इससे सरकार राज्य वक्फ बोर्ड की ऑडिट रिपोर्ट विधानमंडल में पेश नहीं कर पाई है। दरेकर ने कहा कि राज्य वक्फ बोर्ड के पास 1 लाख एकड़ जमीन है। रिपोर्ट नहीं सौंपने से राज्य वक्फ बोर्ड के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर सभापति राम शिंदे ने सरकार को सदन में बयान देने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी पोर्टेबल एमआरआई मशीन

उत्तर प्रदेश के तर्ज पर महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में अत्याधुनिक पोर्टेबल एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। गुरुवार को विधान परिषद में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने यह आश्वासन दिया। सदन में कांग्रेस विधायक सतेज पाटील ने आधे घंटे की चर्चा के जरिए पोर्टेबल एमआरआई मशीन का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मुश्रीफ ने कहा कि राज्य के चिकित्सा व शिक्षा विभाग की टीम उत्तर प्रदेश का दौरा करेगी। इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में पोर्टेबल एमआरआई मशीन लगाने की व्यवस्था की जाएगी। मुश्रीफ ने कहा कि सरकार पोर्टेबल एमआरआई मशीन का इस्तेमाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के लिए सकारात्मक है। पोर्टेबल एमआरआई मशीन के बारे में अध्ययन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। राज्य के 36 मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से पोर्टेबल एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।

Created On :   9 July 2026 9:49 PM IST

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