पर्यावरण संरक्षण: गणेश नाईक ने कहा - पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया हुई डिजिटल, गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी

गणेश नाईक ने कहा - पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया हुई डिजिटल, गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी
  • प्रक्रिया हुई डिजिट, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
  • पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया हुई आसान

Mumbai News. राज्य सरकार ने पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सरल बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू की है। हालांकि, इसके साथ पर्यावरण संरक्षण और राज्य के पुराने व दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वन मंत्री गणेश नाईक ने गुरुवार को विधानसभा में स्पष्ट कहा कि पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान वन मंत्री ने भाजपा सदस्य संतोष दानवे द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दिया।

पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया हुई आसान

गणेश नाईक ने बताया कि सरकार ने पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 27 अप्रैल 2017 के शासनादेश के तहत अनुमति के लिए पहले 11 दस्तावेज जमा करने होते थे, लेकिन 29 अप्रैल 2026 को जारी संशोधित आदेश के बाद अब यह संख्या घटाकर केवल 5 दस्तावेज कर दी गई है। इसके अलावा सरकारी और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए पेड़ कटाई की अनुमति देने की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। अब ऐसे मामलों में अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनुमति देने की व्यवस्था की गई है, जिससे विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

वन मंत्री ने कहा कि राज्य में वृक्षारोपण की प्रगति का आकलन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। विशेष रूप से मराठवाड़ा सहित उन क्षेत्रों में, जहां हरियाली कम है, वहां पेड़ों को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा।

Created On :   9 July 2026 9:56 PM IST

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