विषाक्त भोजन से हॉस्टल के 11 छात्र बीमार, पेट दर्द और उल्टी से पीड़ित हुए सभी 

विषाक्त भोजन से हॉस्टल के 11 छात्र बीमार, पेट दर्द और उल्टी से पीड़ित हुए सभी 

Bhaskar Hindi
Update: 2019-08-14 07:30 GMT
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डिजिटल डेस्क, छतरपुर/ नौगांव। नगर के नवोदय विद्यालय के पास स्थित एक निजी छात्रावास में रह रहे एक दर्जन बच्चों की अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हे इलाज के लिए नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि रात 9 बजे के करीब लक्ष्य हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने भोजन किया। भोजन करने के कुछ देर बाद ही छात्र पेट दर्द और उल्टी करने लगे। छात्रों की हालत खराब होते देख आननफानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। रात के समय एक दम से दस से बारह बच्चे जब बीमारी की हालत में अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में भी अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। डाक्टरों ने तत्काल ही बच्चों को इलाज शुरू किया।

विषाक्त भोजन से बिगड़ी बच्चों की हालत

बताया जा रहा है कि नौगांव में संचालित निजी लक्ष्य हॉस्टल में रहने वाले बीमार पड़े छात्रों को दूषित और बासा भोजन परोसा गया था। जिसको खाने के बाद बच्चों की हालत खराब हुई है। नौगांव अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों की सेहत में सुधार है। वहीं बच्चों को अस्पताल में दाखिल करने के बाद हॉस्टल प्रबंधन से जुड़े लोग उन्हें अकेला छोड़ चले गए।

ये छात्र हुए बीमार

बासा और दूषित भोजन खाने से लक्ष्य हास्टल में रहने वाले छात्र चन्द्र प्रकाश पिता पन्नालाल अहिरवार उम्र 11 वर्ष, नरेन्द्र पाल पिता राम कृष्ण पाल उम्र 12 वर्ष, राजबहादुर पिता कमलेश अहिरवार उम्र 10 वर्ष, शैलेन्द्र यादव पिता मुलायम सिंह यादव उम्र 12 वर्ष, राज यादव पिता मुलायम उम्र 10 वर्ष, कृष्णकुमार अहिरवार पिता मुकेश, अंकित यादव पिता दिनेश उम्र 13 साल, रोहित अहिरवार पिता लखन उम्र 12 वर्ष के अलावा अन्य छात्र बीमारी की हालात में अस्पताल लाए गए थे।  

नहीं पहुंचे प्रबंधन के लोग

रात में हॉस्टल के कर्मचारी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाकर चले गए। रात भर बच्चे हॉस्टल में अकेले पड़े रहे, लेकिन उनके मिलने न तो हॉस्टल प्रबंधन से जुड़े लोग पहुंचे और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा। हालांकि सुबह सभी बच्चों की अस्पताल से छुटटी कर दी गई ।

इनका कहना है

रात के समय बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में आए ज्यादातर बच्चे उल्टी और पेट दर्द से पीडि़त थे। इलाज के बाद उनकों आराम मिल गया। दूषित भोजन करने की वजह से यह समस्या बच्चों के सामने आई है।   -डॉ. रवींद्र पटेल, नौगांव अस्पताल 
 

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