रेल लाइन के लिये फिर शुरू हुई भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई -चल रही  लेट लतीफी 

 रेल लाइन के लिये फिर शुरू हुई भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई -चल रही  लेट लतीफी 

Bhaskar Hindi
Update: 2019-10-14 08:41 GMT
गड़चिरोली में जिला खनिज निधि का नहीं हो रहा कोई उपयाेग!

डिजिटल डेस्क सीधी। सीधी-बहरी रेल लाइन के भूमि अधिग्रहण की आखिरी मुकाम तक पहुंच चुकी कार्रवाई लेट लतीफी के चलते फिर से दोहरानी पड़ रही है। प्रशासनिक बेरूखी के चलते प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिये अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।जिस कलेक्टर के स्थानांतरण पर जिला मुख्यालय में कुछ लोगों ने आंदोलन किया था उसी कलेक्टर की बेरूखी का नतीजा रहा है कि सीधी-बहरी रेल लाइन भूमि अधिग्रहण की पूरी हो चुकी प्रक्रिया को फिर से दोहराना पड़ रहा है। मुआवजा वितरण का कार्य बीच में इसलिये रोक दिया गया था कि तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी। इसीलिये पुरानी प्रक्रिया को बीच में रोककर फिर से धारा प्रकाशन का कार्य शुरू किया गया है। बताया जाता है कि बहरी से आगे सिंगरौली तक की रेल लाइन के लिये भी कुछ इसी तरह की अड़चन आई थी लेकिन वहां के कलेक्टर ने जनहित में दरियादिली दिखाते हुये एक वर्ष की अवधि को अपनी हैसियत से बढ़ा दिया था। लेकिन सीधी कलेक्टर ने इस तरह का न तो रिस्क लिया और न ही अपने स्तर पर कोई पहल की बल्कि भू अधिग्रहण की चल रही प्रक्रिया को स्थगित कर फिर दोहराये जाने का काम सोैंप दिया। भू अधिग्रहण की आखिरी मुकाम तक पहुंच चुकी प्रक्रिया के स्थगित हो जाने के बाद सीधी से बहरी तक के 27 गावों के भू अधिग्रहण का फिर से  काम शुरू हो गया है। इसके लिये वर्तमान कलेक्टर के आदेश पर धारा प्रकाशन का कार्य चालू है। बता दें कि प्रशासन की इस हीलाहवाली के चलते अब किसानों को मुआवजे के लिये फिर से इंतजार करना पड़ेगा। जबकि पुरानी प्रक्रिया जारी रहती तो अब तक में मुआवजा वितरण का कार्य संपन्न होने के कगार पर पहुंच जाता। 
इधर भी है धीमी रफ्तार
बघवार से सीधी तक रेल लाइन निर्माण के लिये यूं तो भू अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है किंतु इसके बाद की कार्रवाई काफी धीमी चल रही है। रेल लाइन निर्माण के लिये टेण्डर हुये भी काफी दिन हो गये हैं किंतु जिस कछुआ चाल से काम चल रहा है उससे तो नहीं लगता कि सीधी तक रेल आने का सपना जल्दी पूरा हो सकता है। जिला मुख्यालय के समीप मधुरी में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का कार्य भी शुरू होने के साथ ही विराम ले लिया है। रेलवे के लिये अधिग्रहित भूमि में विभाग की हीलाहवाली के चलते किसानो ंने फिर से खेती का कार्य शुरू कर दिया है। 
 

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