प्रदेश के खाद्य मंत्री के गृह जिले में बड़ी धांघली जिस चावल को बीआरएल किया, वही चोरी-चुपके वेयर हाउस से निकाल दिया गया बाहर

प्रदेश के खाद्य मंत्री के गृह जिले में बड़ी धांघली जिस चावल को बीआरएल किया, वही चोरी-चुपके वेयर हाउस से निकाल दिया गया बाहर

Bhaskar Hindi
Update: 2021-07-16 10:05 GMT
प्रदेश के खाद्य मंत्री के गृह जिले में बड़ी धांघली जिस चावल को बीआरएल किया, वही चोरी-चुपके वेयर हाउस से निकाल दिया गया बाहर

डिजिटल डेस्क अनूपपुर। प्रदेश के खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह के गृह जिले अनूपपुर में गरीबों के हिस्से के सरकारी अनाज की धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। यहां के एक वेयर हाउस में रखा करीब 1200 क्विंटल अमानक चावल 5 महीने के अंदर गायब हो गया। बताया जाता है कि क्वालिटी कंट्रोलर ने उक्त चावल अमानक पाया था और उसे अपग्रेड कराने के निर्देश दिए थे। चावल अपग्रेड तो नहीं हुआ लेकिन गोदाम से जरूर गायब हो गया। इसका खुलासा तब हुआ जबकि तद्संदर्भ में हुई एक शिकायत के बाद हाल ही में 11 जुलाई को संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण के निर्देश पर अनूपपुर के गोदाम (वेयर हाउस) क्र. 14 की सतना से आए क्वालिटी कंट्रोलर तथा नान (शहडोल) के प्रबंधक द्वारा जांच की गई। क्वालिटी कंट्रोलर के अनुसार उक्त अमानक चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बिना अपग्रेड कराए बांट दिया गया। चौंकाने वाली बात यह कि जांच करने पहुंचे दोनों अफसरों सहित क्वालिटी कंट्रोलर सहित समूचे महकमे के पास इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि अमानक स्तर का 1200 क्विंटल चावल वेयर हाउस से कब-कब और किस-किस सरकारी राशन दुकान पर भेजा गया। 
जबलपुर से हुई थी शिकायत
संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (भोपाल) को जबलपुर से एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें राइस मिल तथा वेयर हाउस संचालक द्वारा विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर बियांड रिजेक्शन लिमिट (बीआरएल) पाए गए चावल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खपाए जाने की बात कही गई थी। नान के क्षेत्रीय प्रबंधक (सतना/शहडोल) ने नान शहडोल के प्रबंधक सहित सतना/शहडोल के क्वालिटी कंट्रोलर को मामले की जांच सौंपी। जांच में पाया गया कि 8 फरवरी 2021 को हुई जांच में बाल गोविंद वेयर हाउस (गोदाम क्र. 14) अनूपपुर मेंं जो 8,599 (करीब 5 हजार क्विंटल) चावल अमानक स्तर का मिला था, उसमें से 3149 बोरी चावल गायब है। नान अनूपपुर के प्रबंधक को भेजे गए जांच प्रतिवेदन में क्वालिटी कंट्रोलर ने उक्त गुणवत्ताविहीन तथा खाने योग्य नहीं पाए गए चावल को वेयर हाउस संचालक द्वारा बिना अपग्रेड कराए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदाय कर दिए जाने की बात कही है। 
मिलर्स व गोदाम मालिक एक ही
जांच प्रतिवेदन के अनुसार बालगेविंद राइस मिल तथा बाल गोविंद वेयरहाउस का मालिक एक ही व्यक्ति है और वेयरहाउस भी मिल परिसर में है। इस वेयर हाउस में अब भी करीब 3200 क्विंटल (6405 बोरी) अमानक चावल मौजूद है। इसमें 1000 बोरी वह चावल भी है, जो हाल ही में कटनी से यहां भंडारित होने भेजा गया है। 
वेयर हाउस जिला प्रबंधक ने जांच पर उठाए सवाल7इस मामले में स्टेट वेयर हाउस की जिला प्रबंधक सुश्री प्रीति शर्मा ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा, रविवार के दिन जांच का कोई औचित्य नहीं था? उन्होंने कहा, छुट्टी का दिन होने के कारण अपग्रेडेशन के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए थे। क्वालिटी कंट्रोलर एस.पी. गुप्ता रविवार (11 जुलाई) को जांच वरिष्ठ कार्यालय के निर्देश पर किए जाने की बात कहते हैं। उन्होंने कहा, वेयर हाउस के जिला प्रबंधक को इसकी विधिवत सूचना भी दी गई थी, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। 
 

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