मध्यप्रदेश: राज्य में कल हो सकता मंत्रिमंडल विस्तार, आज पीएम मोदी से मिलेंगे सीएम शिवराज

मध्यप्रदेश: राज्य में कल हो सकता मंत्रिमंडल विस्तार, आज पीएम मोदी से मिलेंगे सीएम शिवराज

Bhaskar Hindi
Update: 2020-06-29 07:55 GMT
मध्यप्रदेश: राज्य में कल हो सकता मंत्रिमंडल विस्तार, आज पीएम मोदी से मिलेंगे सीएम शिवराज

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में कल (मंगलवार, 30 जून) मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में नए सदस्यों को मंगलवार को शपथ दिलाई जा सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर देर रात 2 बजे तक गृहमंत्री अमित शाह के निवास पर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत की बैठक चली। सीएम शिवराज आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। उधर, राज्यपाल लालजी टंडन की खराब सेहत को देखते हुए राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मप्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।

बता दें कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के नामों पर चर्चा अंतिम दौर में है। भोपाल से दिल्ली तक नामों पर मंथन चल रहा है और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आने वाले एक-दो दिन में 25 से ज्यादा मंत्री शपथ लेंगे। संभावित नामों का फैसला राज्य और केंद्रीय नेतृत्व मिलकर करने वाला है। अंतिम मुहर दिल्ली में ही लगेगी। राज्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए तीन माह से अधिक का वक्त गुजर गया है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में चौहान के अलावा सिर्फ पांच और सदस्य हैं। मंत्रिमंडल में पर्याप्त मंत्री न होने के कारण एक तरफ जहां कामकाज प्रभावित हो रहा है, वही आमजन के बीच सरकार की उपस्थिति भी दर्ज नहीं हो पा रही है। बीते दो माह से मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार की कवायद जारी है मगर यह कोशिशें आकार नहीं ले पाई है।

25 मंत्रियों को दिलाई जा सकती है शपथ
भाजपा सूत्रों का कहना है की मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में लगभग 25 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इसमें 9 लोग वे होंगे जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। भाजपा के 16 किन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाए, इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश संगठन के साथ कई दौर की चर्चा कर चुके हैं और अब चौहान प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा व महामंत्री संगठन सुहास भगत के साथ दिल्ली के प्रवास पर है।

जेपी नड्डा और नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठक कर चुके हैं सीएम चौहान  
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चौहान दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उनकी बैठक कर चुके हैं। संभावना है कि चौहान, प्रदेशाध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री संगठन की राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होगी। राज्य में जल्दी ही मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के अस्वस्थ होने पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने से बल मिल रहा है।

इनको मिल सकती है जगह
भोपाल में भाजपा के आला नेताओं के साथ मंथन के बाद कुछ पुराने नामों को ड्रॉप भी किया गया है। लेकिन, राष्ट्रीय नेतृत्व उस पर अंतिम निर्णय लेगा। चर्चाओं के अनुसार, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, राजेंद्र शुक्ला, गौरीशंकर बिसेन, जगदीश देवड़ा, गिरीश गौतम या केदार शुक्ल को विंध्य क्षेत्र से कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

ये भी हैं दावेदार
ऑपरेशन लोट्स के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विधायक संजय पाठक, अरविंद भदौरिया, रामेश्वर शर्मा और विश्वास सारंग को भी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है। इंदौर से ऊषा ठाकुर या रमेश मेंदोला को जगह मिल सकती है। इसके अलावा, लल्लूराम वैश्य, नीना वर्मा, रामखिलावन पटेल, प्रेम सिंह पटेल, सुरेंद्र पटेल और पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक भी दावेदारों की सूची में शामिल हैं।

आगामी विधानस सत्र में मंत्रियों की संख्या 12 होना जरूरी
सूत्रों का कहना है कि पार्टी की कोशिश है कि मंगलवार या बुधवार को मंत्रियों को शपथ दिला दी जाए। जुलाई माह में विधानसभा का सत्र भी होने वाला है इसलिए मंत्रियों की न्यूतनम संख्या 12 होना जरुरी है। राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया का कहना है कि भाजपा के सामने राजनीतिक और संवैधानिक मजबूरी है। इसी के चलते जल्दी से जल्दी मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला हैं। सिंधिया के समर्थकों को मंत्री नहीं बनाया जाता है तो राजनीतिक धोखे का संदेश जा सकता है, वहीं संवैधानिक तौर पर मंत्रिमंडल में न्यूनतम 12 सदस्यों का होना जरुरी है। इन दोनों स्थितियों से बचने के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार जरुरी हो गया है। वहीं इस विस्तार के चलते भाजपा के सामने चुनौतियां खड़ी होंगी इसे नकारा नहीं जा सकता। यही कारण है कि इससे बचने की भी भाजपा ने तैयारी कर ली है।

 

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