तीसरे मोर्चे की अटकलों के बीच शरद पवार के आवास पर बैठक, कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए

तीसरे मोर्चे की अटकलों के बीच शरद पवार के आवास पर बैठक, कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए

Bhaskar Hindi
Update: 2021-06-22 13:44 GMT
तीसरे मोर्चे की अटकलों के बीच शरद पवार के आवास पर बैठक, कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सत्तारूढ़ भारतीय जनता के खिलाफ तीसरे मोर्चे की संभावना की अटकलों के बीच कई विपक्षी दलों के नेता मंगलवार को नई दिल्ली में राकांपा प्रमुख शरद पवार के आवास पर एक बैठक के लिए पहुंचे। इस बैठक के बाद एनसीपी नेता माजिद मेमन ने कहा, आज की बैठक में हमने चर्चा की कि राष्ट्र मंच देश में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने में क्या भूमिका निभा सकता है। सुझाव सुने गए। जावेद साहब और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एपी शाह ने भी अपने विचार रखे। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। समाजवादी पार्टी के घनश्याम तिवारी ने कहा, आज की बैठक का सारांश यह है कि देश में एक वैकल्पिक दृष्टि तैयार करने की आवश्यकता है, जो आम आदमी से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए मजबूत हो। 

बता दें कि इस मीटिंग में पूर्व वित्त मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता यशवंत सिन्हा, समाजवादी पार्टी (सपा) के घनश्याम तिवारी, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी, आम आदमी पार्टी (आप) के सुशील गुप्ता, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बिनॉय विश्वम (सीपीआई) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) के नीलोत्पल बसु शामिल हुए। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस के पूर्व नेता संजय झा और जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता पवन वर्मा भी बैठक में शामिल होने पहुंचे। बैठक में भाग लेने के लिए पवार के आवास पर पहुंची अन्य प्रमुख हस्तियों में जस्टिस एपी शाह, जावेद अख्तर और केसी सिंह है। 

इससे पहले दिन में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पवार बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, लेकिन इसका आयोजन सिन्हा ने किया है, जो राष्ट्र मंच के संयोजक हैं। सिन्हा ने 2018 में एक पॉलिटिकल एक्शन ग्रुप, राष्ट्र मंच का गठन किया था, जिसने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों को लक्षित किया।

इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद मिनाक्षी लेखी ने कहा, "ऐसी बैठकें वो नेता आयोजित करते हैं जिन्हें जनता ने बार-बार खारिज कर दिया है। यह नया नहीं है। कुछ कंपनियां हैं जो चुनावों से लाभ कमाती हैं। वे स्पष्ट रूप से हर दूसरे नेता को अगले पीएम के रूप में पेश करने की कोशिश करेंगे। दिन में सपने देखने से किसी को नहीं रोका जा सकता।" 

बैठक के लिए पहुंचे सीपीआई के सांसद बिनॉय विस्वम ने कहा- "यह विफल हो चुकी सबसे नफरत वाली सरकार के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक वाम ताकतों का एक मंच है। देश को बदलाव की जरूरत है। लोग बदलाव के लिए तैयार हैं।"

इससे पहले एनसीपी के प्रवक्ता और महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि पूरे देश में सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाने का काम शरद पवार शुरू कर रहे हैं।

वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा था, "किसने कहा यह विपक्षी पार्टियों की बैठक है? किसने कहा की थर्ड फ्रंट या फोर्थ फ्रंट बन रहा है? इसमें शिवसेना नहीं है, समाजवादी पार्टी नहीं है, बहुजन समाज पार्टी नहीं है, चंद्रबाबू नायडू नहीं हैं, के. चंद्रशेखर राव नहीं हैं। फिर यह विपक्षी पार्टियों की बैठक कहां से हो गई? शरद पवार देश के वरिष्ठ नेता हैं। कई मामलों में लोग उनसे राय लेने के लिए मिलते रहते हैं। यह य़शवंत सिन्हा द्वारा 2018 में बनाया गया ‘राष्ट्र मंच’ नाम के संगठन की बैठक है।"

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