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कोविड-19 के कारण भारत में बढ़ी इंश्योरेंस के प्रति जागरूकता : सर्वे

June 10th, 2020 17:30 IST
 कोविड-19 के कारण भारत में बढ़ी इंश्योरेंस के प्रति जागरूकता : सर्वे

हाईलाइट

  • कोविड-19 के कारण भारत में बढ़ी इंश्योरेंस के प्रति जागरूकता : सर्वे

गुरुग्राम, 10 जून (आईएएनएस)। कोविड-19 के कारण भारत में तेजी से इंश्योरेंस के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महामारी के दौर में लोगों ने अपनी निजी आर्थिक स्थिति पर तो पर्याप्त नियंत्रण रखा है, लेकिन वो अपने परिवार के शारीरिक स्वास्थ्य पर मंडराने वाले जोखिम को लेकर चिंता में हैं। इसके कारण अब हेल्थ एवं लाइफ इंश्योरेंस का महत्व पहले से काफी अधिक बढ़ गया है। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है।

सर्वे में शामिल 51 प्रतिशत लोगों ने अपने परिवार के लिए इंश्योरेंस कवर खरीदने के बारे में सोचा, जबकि करीबन 80 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्हें महामारी के दौरान इंश्योरेंस होने का महत्व पता चल गया है।

ऑनलाइन इंश्योरेंस मार्केटप्लेस पॉलिसीबाजारडॉट कॉम द्वारा उपभोक्ताओं के बीच कराए गए एक सर्वे में यह पता चला है कि हर तीन में एक व्यक्ति इस बात के लिए निश्चिंत है कि वो अगले 12 महीनों के लिए अपने घरेलू खर्चे संभाल लेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि लोगों ने अगले कुछ महीनों के लिए पर्याप्त बचत कर रखी है और कोई भी खर्च सोच-समझ कर करेंगे।

यह ऑनलाइन सर्वे पॉलिसीबाजारडॉट कॉम के 14,624 यूजर्स पर किया गया, जिसमें कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों की घरेलू आर्थिक स्थिति, उनके निवेश और इंश्योरेंस के बारे में समझने की कोशिश की गई।

सर्वे में शामिल सिर्फ 15 प्रतिशत लोग इस चिंता में नजर आए कि कहीं उनके पास पैसों की तंगी ना हो जाए। वहीं, सिर्फ 19 प्रतिशत लोगों में अपनी नौकरी बची रहने की चिंता देखने को मिली।

सर्वे के परिणामों पर पॉलिसीबाजारडॉट कॉम के सीईओ सरबवीर सिंह ने कहा, सर्वे में यह साफ संकेत मिलते हैं कि कोविड-19 के दौर में टर्म लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस लोगों की फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इस महामारी ने निश्चित रूप से भारत में इंश्योरेंस के प्रति लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ाई है, जबकि आज भी देश में इंश्योरेंस कवर रखने वाले लोगों की संख्या काफी कम है।

सर्वे में लोगों से यह भी पूछा गया कि बाजार के विभिन्न निवेश विकल्पों में निवेश को लेकर उनकी क्या राय है। इसके जवाब में 47 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्हें यह समय निवेश करने और अच्छे रिटर्न कमाने के लिए सही लगता है। इसका मतलब यह हुआ कि भारतीयों में निवेश को लेकर जानकारी बढ़ी है क्योंकि आमतौर पर किसी गंभीर स्वास्थ्य संकट या महामारी के बीच अगर शेयर बाजार गिरते हैं तो बाद में उछलते भी हैं।

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।