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ब्रिटिश ट्रैवल जाइंट 'थॉमस कुक' दिवालिया, लाखों यात्री फंसे, भारत पर असर नहीं

ब्रिटिश ट्रैवल जाइंट 'थॉमस कुक' दिवालिया, लाखों यात्री फंसे, भारत पर असर नहीं

हाईलाइट

  • दुनिया की सबसे पुरानी ट्रैवल फर्म थॉमस कुक सोमवार को दिवालिया हो गई
  • कंपनी के बंद होने से करीब 1.5 लाख यात्री दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फंस गए
  • कंपनी के बंद होने से 22 हजार लोग बेरोजगार हो गए

डिजिटल डेस्क, लंदन। दुनिया की सबसे पुरानी ट्रैवल फर्म थॉमस कुक सोमवार को दिवालिया हो गई। कंपनी ने अपनी सभी उड़ाने रद्द कर दी है जिसके चलते करीब 1.5 लाख यात्री दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फंस गए हैं जिन्होंने कंपनी का ट्रैवल पैकेज लिया था। अब ब्रिटेन सरकार यात्रियों को वापस लाने में जुटी है। कंपनी के बंद होने से 22 हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं। हालांकि भारत में इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।

थॉमस कुक इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी माधवन मेनन ने कहा कि 'यूके स्थित थॉमस कुक पीएलसी और थॉमस कुक इंडिया 2 कंपनियां हैं। हमारा यूके स्थित कंपनी से कोई संबंध नहीं है। हमारी बैलेंस शीट स्वतंत्र और मजबूत है। ब्रिटेन में जो हुआ है उसका प्रभाव ब्रिटेन तक ही सीमित है। दरअसल थॉमस कुक इंडिया का 77 फीसदी हिस्सा 2012 में कनाडा के ग्रुप फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग ने खरीद लिया था। तब से थॉमस कुक यूके का थॉमस कुक इंडिया में कोई हिस्सा नही है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने फंसे हुए ब्रिटिश यात्रियों को घर लाने का वादा किया। उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत ही कठिन स्थिति है। लेकिन, हम थॉमस कुक के उन ग्राहकों के साथ खड़े हैं जिन्हें घर लौटने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हम उन्हें घर पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर बेहतर से बेहतर प्रयास कर रहे हैं।'

जॉनसन ने इस दौरान इस बात का भी खुलासा किया कि सरकार ने 'थॉमस कुक के 150 मिलियन पाउंड (187.1 मिलियन डॉलर) के बेलआउट पैकेज के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।' उन्होंने कहा कि 'बेलआुट पैकेज के अनुरोध को स्वीकार करने से एक 'नैतिक खतरा' पैदा हो जाता।'

चीफ एग्जीक्यूटिव पीटर फैंकहॉजर ने कहा कि 'यह बहुत अफसोस की बात है कि कंपनी कारोबार से बाहर हो गई है। वह अपने ऋणदाताओं से रेस्क्यू पैकेज हासिल करने में नाकाम रही है।' उन्होंने कहा, 'मैं अपने लाखों ग्राहकों और हजारों कर्मचारियों, सप्लायर और पार्टनरों से माफी मांगना चाहता हूं, जिन्होंने कई वर्षों तक हमारा सपोर्ट किया।'

सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों से पता चलता है कि थॉमस कुक के विमानों को नॉर्मल एयरपोर्ट के स्टैंड से हटा दिया गया है। कर्मचारियों ने अपनी लास्ट फ्लाइट से खुद की तस्वीरें पोस्ट कीं। कंपनी के केबिन क्रू के एक सदस्य किआ डॉन हेवर्ड ने ट्विटर पर कहा, 'मुझे अपनी नौकरी से बहुत प्यार है, इसे मैं खत्म नहीं करना चाहता।'

सरकार और एविएशन रेगुलेटर ने कहा कि थॉमस कुक की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने ग्राहकों को फ्लाइट लेने के लिए एयरपोर्ट आने से भी मना कर दिया। ग्राहकों से कहा गया है कि उन्हें एक स्पेशल वेबसाइट- thomascook.caa.co.uk के माध्यम से घर वापस आने के लिए फ्लाइट की जानकारी दी जाएगी। सरकार की ओर से फ्लाइट की व्यवस्था कराई जा रही है।

थॉमस कुक के ग्राहक जिन होटलों में ठहरे हुए है, ब्रिटिश रेगुलेटर उनसे भी संपर्क में है। उन्हें बताया जा रहा है कि उन्हें बीमा योजना के माध्यम से सरकार भुगतान करेगी।

बता दें कि इस कंपनी की स्थापना 1841 में थॉमस कुक ने की थी। पहले यह ब्रिटेन में घरेलू यात्रियों को सेवा देती थी, बाद में विदेशी यात्राएं कराने लगी। कंपनी ने 1927 में एयर टूर की शुरुआत की थी। दो वर्ल्ड वॉर में भी इस कंपनी ने अपने आप को बचाए रखा।

थॉमस कुक 16 देशों में हर साल 19 करोड़ लोगों को होटल, रिसॉर्ट और एयरलाइन सर्विस मुहैया करवा रही थी। थॉमस कुक के बंद होने से दुनियाभर के 6 लाख पर्यटक फंस गए हैं। इनमें से 1.5 लाख ब्रिटेन के हैं।

थॉमस कुक की ट्रैवल एजेंसियां बंद होने से दुनियाभर में इसके 22 हजार कर्मचारी बेरोजगार हो गए। इनमें से 9 हजार ब्रिटेन के हैं। कंपनी ब्रिटेन में 600 ट्रेवल स्टोर भी चलाती थी।

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