दैनिक भास्कर हिंदी: Real Estate: नोएडा में बिल्डरों को मिला एक्सटेंशन, 31 दिसंबर 2021 तक पूरे करने होंगे प्रोजेक्ट

August 19th, 2020

हाईलाइट

  • नोएडा के बिल्डरों को अगले साल दिसंबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने की इजाजत
  • बिल्डरों ने पहले जून 2021 के अंत तक घरों की डिलीवरी का आश्वासन दिया था
  • नोएडा अथॉरिटी की 199वीं बोर्ड बैठक के दौरान इस निर्णय को मंजूरी दी गई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोएडा अथॉरिटी ने मंगलवार को एक दर्जन से अधिक बिल्डरों के लिए पेंडिंग प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय सीमा 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दी। जीरो पीरियड पॉलिसी के तहत यह समय सीमा बढ़ाई गई है। इन बिल्डरों ने पहले जून 2021 के अंत तक घरों की डिलीवरी का आश्वासन दिया था। नोएडा अथॉरिटी की 199वीं बोर्ड बैठक के दौरान इस निर्णय को मंजूरी दी गई।

पिछले दिसंबर में घोषित जीरो पीरियड पॉलिसी के अनुसार, बिल्‍डरों को भूमि के बकाये पर दंडात्‍मक ब्‍याज का भुगतान करने से छूट दी गई थी। जितने साल उनके प्रोजेक्‍ट अटके थे, यह छूट उतने समय के लिए थी। हालांकि, यह नीति उन बिल्डरों के लिए लागू थी, जिनसे उम्‍मीद थी कि वे जून 2021 तक घरों को उपलब्‍ध करा देंगे। राज्‍य सरकार को अपेक्षा थी कि इस समय तक एक लाख हाउसिंग यूनिटों को तैयार कर लिया जाएगा।

एक आधिकारिक प्रेस नोट में कहा गया है, 'जिन डेवलपर्स ने अपने पेंडिंग प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है, उनके लिए जीरो पीरियड पॉलिसी के तहत समय सीमा को 30 जून, 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 कर दिया गया है। 16 (भूमि) आवंटियों को 31 दिसंबर, 2021 तक अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के बारे में लिखित आश्वासन देने के लिए पत्र जारी किए गए हैं।

बोर्ड ने अथॉरिटी के वार्षिक बजट को भी मंजूरी दी। अथॉरिटी के लिए रेवेन्‍यू में 5,037 करोड़ रुपये का टार्गेट रखा है। वहीं, चालू वित्‍त वर्ष में खर्च के लिए 4,640 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है। बयान में कहा गया है कि एक्सपेंडिचर में भूमि अध‍िग्रहण, विकास कार्य, स्‍वास्‍थ और शहरी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की मरम्‍मत व रखरखाव, ग्रामीण विकास इत्‍यादि पर होने वाला खर्च शामिल है। बजट में भूमि अधिग्रहण के लिए फंडों को 600 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। जबकि ग्रामीण विकास के लिए फंडों को 106 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया गया है।

बता दें कि बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के कमीश्नर आलोक टंडन और गौतम बुद्ध नगर के तीन अलग-अलग अथॉरिटी के चेयरमैन ने की। नोयडा अथॉरिटी के सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के सीईओ अरुण वीर सिंह ने भी इस बैठक में भाग लिया। बोर्ड की मंजूरी के लिए 15 प्रस्तावों के अलावा 37 एजेंडों को बैठक के दौरान रखा गया। बता दें कि बोर्ड की 198वीं  बैठक अप्रैल में हुई थी।

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