comScore

दिल्ली में डीजल की कीमत पिछले 15 दिनों में 8.88 रुपये प्रति लीटर बढ़ी

June 21st, 2020 16:12 IST
दिल्ली में डीजल की कीमत पिछले 15 दिनों में 8.88 रुपये प्रति लीटर बढ़ी

हाईलाइट

  • दिल्ली में डीजल की कीमत पिछले 15 दिनों में 8.88 रुपये प्रति लीटर बढ़ी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमत लगातार 15 दिनों तक बढ़ने के बाद रविवार को यह एक नए सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली में रविवार को 60 पैसे की बढ़ोतरी के साथ डीजल 78.27 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। सात जून को 80 दिनों के बाद दैनिक मूल्य संशोधन के लिए गतिशील मूल्य निर्धारण प्रणाली फिर से शुरू हुई, जिसके बाद से राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमत में 8.88 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।

इस बढ़ोतरी के साथ, पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच का अंतर अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। दिल्ली में डीजल की कीमत पेट्रोल की कीमत से महज एक रुपये से भी कम है।ईंधन दरों में वृद्धि महानगरों में समान रही है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में डीजल क्रमश: 76.69 रुपये, 75.80 रुपये और 73.61 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पिछली कीमत क्रमश: 76.11 रुपये, 75.29 रुपये और 73.07 रुपये थी।

पेट्रोल की कीमत में भी 15 दिनों में निरंतर वृद्धि देखी गई है और इस अवधि के दौरान पेट्रोल पहले से 7.97 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। रविवार को पेट्रोल की कीमत 79.23 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो अपने पिछले स्तर से 35 पैसे महंगा बिक रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में इसकी कीमत फिलहाल क्रमश: 86.04 रुपये, 82.58 रुपये और 80.95 रुपये प्रति लीटर है, जबकि इससे पहले इसकी कीमत 85.70 रुपये, 82.27 रुपये और 80.62 रुपये प्रति लीटर थी।

दो सप्ताह से अधिक समय से निरंतर मूल्य वृद्धि के बाद हालांकि आने वाले दिनों में ऑटो ईंधन की कीमतों में वृद्धि या तो रुक सकती है या आने वाले सप्ताह में इसकी कीमत गिर सकती है, क्योंकि तेल कंपनियों ने अब उत्पादों को अंतराष्र्ट्ीय बेंचमार्क दरों के करीब कीमत दी है। ऐसा भी हो सकता है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियों द्वारा कीमतें न बदली जाएं।

हालांकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के सूत्रों ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है, क्योंकि वैश्विक उत्पाद कीमतों में तेजी के साथ वैश्विक कोविड-19 लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्थाओं के खुलने के बाद मांग में तेजी आ रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अप्रैल के स्तर से दोगुना बढ़कर 42 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं।

कमेंट करें
SR7CH
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।