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विकास दर: मैन्युफैक्चरिंग गिरने से जीडीपी सात साल के न्यूनतम स्तर पर, तीसरी तिमाही में देश की ग्रोथ रेट 4.7%

विकास दर: मैन्युफैक्चरिंग गिरने से जीडीपी सात साल के न्यूनतम स्तर पर, तीसरी तिमाही में देश की ग्रोथ रेट 4.7%

हाईलाइट

  • तिमाही में ग्रोथ रेट जनवरी-मार्च 2013 की तिमाही के बाद सबसे कम
  • जनवरी-मार्च 2013 की तिमाही में ग्रोथ रेट 4.3% रही थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ रेट अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 फीसदी रही है। यह पिछले सात साल में सबसे न्यूनतम स्तर पर है। इससे पहले जनवरी-मार्च 2013 में ग्रोथ रेट 4.3% थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कमी आने के कारण ग्रोथ रेट गिरी। पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की समान अवधि में जीडीपी ग्रोथ रेट 5.6% रही थी।

चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में आर्थिक वृद्धि दर 5.1 फीसदी रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 6.3 फीसदी थी। एनएसओ ने 2019-20 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर को संशोधित कर 5.6 फीसदी तथा दूसरी तिमाही के लिए 5.1 फीसदी कर दिया है।

संशोधित आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.1 फीसदी दर्ज की गई है जोकि पूर्व में 4.5 फीसदी आंकी गई थी। वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में सालाना आर्थिक विकास दर 5.6 फीसदी दर्ज की गई जोकि पूर्व में 6.6 फीसदी आंकी गई थी।

संशोधित आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.7 फीसदी है जोकि पिछले करीब छह साल में सबसे कम है। क्रमबद्ध आधार पर वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 7.1 फीसदी थी जबकि दूसरी तिमाही में 6.2 फीसदी और तीसरी तिमाही में 5.6 फीसदी दर्ज की गई थी। संशोधित आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर 5.6 फीसदी दूसरी तिमाही में 5.1 फीसदी जबकि तीसरी तिमाही में 4.7 फीसदी दर्ज की गई है।

वास्तविक जीडीपी यानी स्थिर मूल्य (2011-12) पर घरेलू उत्पाद 2019-20 के दौरान 146.84 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जबकि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 31 जनवरी 2020 को जारी प्रथम संशोधित जीडीपी अनुमान 139.81 लाख करोड़ रुपए था। स्थिर मूल्य (2011-12) पर 2019-20 की तीसरी तिमाही में जीडीपी 36.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जबकि 2018-19 की तीसरी तिमाही में यह 35 लाख करोड़ रुपये था। इस प्रकार जीडीपी वृद्धि दर 4.7 फीसदी दर्ज की गई है।

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