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Investment: मिराए ने लांच किया मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड

Investment: मिराए ने लांच किया मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड

हाईलाइट

  • मिराए ने लांच किया मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड
  • एनएफओ 3 जून 2020 को खुलेगा औऱ 12 जून 2020 को बंद होगा
  • यह एक ओपेन इंडेड स्कीम होगा, आर्बिट्रेज फंड में निवेश करने का मौका मिलेगा

मुंबई, 3 जून, 2020: भारत का तेजी बढ़ता हुआ फंड हाउस मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स इंडिया ने मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड लांच करने की घोषणा की है। यह एक ओपेन इंडेड स्कीम होगा, आर्बिट्रेज फंड में निवेश करने का मौका मिलेगा। कंपनी का ऑफर सबस्क्रिप्शन के लिए 3 जून 2020 को खुलेगा औऱ 12 जून 2020 को बंद होगा। निफ्टी 50 के आर्बिट्रेज इंडेक्स के तहत इसके प्रमुख बातें इस तरह से होंगी। 

  • इसके तहत आर्बिट्रेज फंड में निवेश का मौका मिलेगा। जिसमें लंबी अवधि में कैश और छोटी अवधि में फ्यूचर में निवेश किया जा सकेगा। 
  • इसका एक छोटा हिस्सा आर्बिट्रेज के दूसरे फंडों (कार्पोरेट्स) में निवेश किया जा सकेगा। 
  • इक्विटी बाजार के जोखिमों को देखते हुए रिस्क फ्री रिटर्न मुहैया हो सकेगा। 
  • आर्बिट्रेज में निवेश करने के सीमित मौके होगें। स्कीम के तहत छोटा पार्ट उच्च क्वालिटी के डेट सिक्योरिटीज में औऱ मनी मार्केट के दूसरे जगहों पर निवेश किया जाएगा।
  • इसमें निवेश के तहत पैसे को टर्म डिपॉजिट, कैश और कैश के दूसरे संभागो मे लगाया जाएगा। 
  • इस फंड का देखरेख श्री जिग्नेश एन राव और श्री जिगर सेथिया(इक्विटी), श्री महेंद्र जाजू (विभाग) करेंगे। 

इस मौके पर मिराए एसेट के इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्रा. लिमिटेड के सीईओ श्री स्वरूप मोहंती ने कहा “मिराए एसेट आर्बिट्रेज फंड का उद्देशय् रिस्क फ्री रिटर्न देने का है। जो कि इक्विटी बाजार में ज्यादा होता है। बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए आर्बिट्रेज को इस तरह से मैनेज किया जाएगा कि यह बेहतर रिटर्न प्रदान कर सके। यह छोटी से मध्यम अवधि में निवेश करने वाले के लिए बेहतर विकल्प होगा। इक्विटी और डेड साइड को देखते हुए मिराए के अनुभव के आधार पर इस फंड का एलोकेशन किया जाएगा। 

इस स्कीम में शुरूआती निवेश 5000 का होगा जो 1 रुपए के मल्टीप्लायर में होगा। यूनिट प्राप्त होने के बाद बाकी पैसा निवेशकों रिटर्न कर दिया जाएगा। 

मिराए ऐसेट आर्बिट्रेज फंड  निवेशकों को रेगुलर और डायरेक्ट प्लान दोनों में निवेश करने का मौका देता है। वहीं इसमें ग्रोथ के साथ डिविडेंट का भी ऑप्शन उपलब्ध रहेगा। 

यह स्कीम रिपरचेज और बिक्री के लिए 22 जून को दोबारा खोला जाएगा। 

स्रोत: इंटरनल

म्युचुअल फंड में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश करने से पहले दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ ले। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।