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आम बजट 2020: चुनौतीपूर्ण होगा मोदी सरकार का ये बजट, जनता को हैं ये उम्मीदें

आम बजट 2020: चुनौतीपूर्ण होगा मोदी सरकार का ये बजट, जनता को हैं ये उम्मीदें

हाईलाइट

  • 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट को पेश करेंगी
  • बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चलेगा
  • बजट सत्र का दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट अगले महीने पेश किया जाएगा। बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक वहीं दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा। हालांकि इस सत्र के बीच 1 फरवरी 2020 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट को पेश करेंगी। माना जा रहा है कि मोदी सरकार का बजट 2020 काफी चुनौतीपूर्ण होगा, इसका कारण अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती है।

बता दें कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुस्ती जारी है, वहीं अन्य सेक्टर्स में भी हालात ठीक नहीं है। ऐसे में इस बजट सत्र से सभी देशवासियों को काफी उम्मीदें हैं। आइए जानते हैं इस बजट सत्र से जुड़ी खास बातें और उन उम्मीदों के बारे में, जो बजट 2020 से की जा रही हैं...

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स्वास्थ्य के क्षेत्र में
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या चिकित्सकों की ​है, बीते दिनों राजस्थान के कोटा सहित अन्य राज्यों के अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। ऐसे में आमजन को उम्मीद है कि सरकार इस क्षेत्र में नई योजनाओं को लाकर डॉक्टरों की कमी को दूर करने के साथ चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध कराएगी। 

हालांकि मोदी सरकार ने अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को हमेशा प्राथमिकता में रखा है। इसके लिए दो साल पहले बजट में देश के 50 करोड़ से अधिक गरीबों को पांच लाख रुपए तक मुफ्त और कैशलेस इलाज मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की गई थी। जिसमें से अभी तक योजना के तहत 70 लाख से अधिक गरीबों का इलाज हो चुका है। 

ऑटोमोबाइल सेक्टर
वर्ष 2019 में भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी देखने को मिली, जो कि अभी भी जारी है। ऐसे में ऑटो सेक्टर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट 2020 में टैक्स में राहत देने की मांग की है। ऑटो कंपनियों के संगठन सोसाइटी आफ ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स यानी सियाम ने कहा है कि ऑटो सेक्टर का संकट दो दशक के सबसे खराब दौर में है।

इस उद्योग ने मोदी सरकार से बजट 2020 में वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर घटाने, लिथियम आयन बैटरी सेल पर शुल्क समाप्त करने की मांग की है। वाहन उद्योग ने मांग की है कि बीएस-6 वाहनों पर जीएसटी की दर को अप्रैल से 28 से घटाकर 18 फीसदी किया जाए। कुल मिलाकर ये कि बजट 2020 से ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी काफी उम्मीदें हैं। 

उद्योग जगत को उम्मीदें
आने वाले आम बजट से ना सिर्फ आम आदमी बल्कि उद्योग जगत को भी काफी उम्मीदें हैं। इनमें माल और सेवा कर (जीएसटी) दर को तर्कसंगत बनाना, समग्र किफायती आवास खंड को बढ़ावा देना और एनबीएफसी को सहारा देना सरकार द्वारा किए गए कुछ अन्य सकारात्मक कदम हैं। 

बात करें रियल एस्टेट सेक्टर की तो इसमें भी कई सुधार की जरूरत है। हालांकि, सरकार की ओर से रियल एस्टेट सेक्टर को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। लेकिन इस सेक्टर को भी बजट 2020 में सरकार से कई उम्मीदें हैं।

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आम आदमी को उम्मीदें 
अर्थव्यवस्था लंबे समय से मंदी के खिलाफ संघर्ष कर रही है और ऐसे समय में कई क्षेत्रों में आई कमजोरी के कारण कई उद्योग बंद हुए हैं। इनका नुकसान ना सिर्फ उद्योग जगत को हुआ, बल्कि भरपाई लाखों लोगों को अपनी नौकरी देकर करना पड़ी है।

बजट 2020 से आमजन, स्टूडेंट्स को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किए जाएंगे, जिससे बंद हुए कारखाने फिर से चालू अवस्था में वापस आ सकें और बेरोजगार हुए लोगों के साथ नए लोगों को भी रोजगार मिल सके।

महिलाओं को उम्मीदें 
महंगाई का असर किचन पर भी पड़ा है, ऐसे में इस बजट में किचन का सामान सस्ता किए जाने की उम्मीद महिलाओं को है। महिलाएं चाहती हैं कि रोजाना के इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे दाल, चावल, गेहूं, फल, चीनी, सब्जी, तेल जैसी पर कम पैसे खर्च करने पड़ें।

बता दें कि साल 2019 के आखिर में प्याज के दाम आसमान पर रहे। जिसको लेकर कई बाद प्रदर्शन भी हुए। हालांकि प्याज के दाम नीचे लाने के प्रयास में सरकार ने विदेश भी प्याज मंगाई। लेकिन खाने में उपयोग होने वाला तेल भी अपनी कीमतों को लेकर उछाल देता रहा। ऐसे में महिलाओं को भी इस बजट से कई उम्मीदें हैं।

पीएम मोदी ने मांगे हैं सुझाव
आमजन को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आने वाले इस बजट से उम्मीदें होना लाजमी है, हालांकि यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सके और बेहतर हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से आम बजट पर सुझाव और विचार मांगे हैं।

बता दें कि बीते दिनों प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट कर कहा था, कि 'केंद्रीय बजट 130 करोड़ भारतियों की आकांक्षांओं का प्रतिनिधित्व करता है और भारत के विकास के लिए एक पथ का निर्माण करता है। मैं आप सभी को MyGov पर इस साल के बजट के बारे में सुझाव व विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करता हूं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।