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RBI ने घटाया रेपो रेट, GDP ग्रोथ का अनुमान 6.9 से घटाकर 6.1% किया


हाईलाइट

  • ब्याज दरों में फिर हो सकती है कटौती
  • लोन सस्ता होने के साथ ईएमआई होगी कम
  • आरबीआई गवर्नर ने इस बात के संकेत दिए थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। RBI ने अपनी द्विमासिक बैठक में रेपो रेट एक चौथाई फीसदी यानी 0.25 फीसदी घटा दिया है। इसी के साथ अब रेपो रेट 5.15 फीसदी पर आ गया है। 

बैठक के बाद हुए निर्णय के अनुसार अब रेपो रेट 5.40% से घटकर 5.15 हो गया है। यह 9 साल में सबसे कम है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 6 सदस्यीय समिति में से 5 सदस्य ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में थे।

आपको बता दें कि केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी समिति (MPC) की बैठक इस हफ्ते मंगलवार को शुरू हुई थी। वहीं समिति ने अपने फैसले का एलान शुक्रवार को किया। जिसमें RBI ने अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। RBI ने इस वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 6.9 फीसदी से घटा कर 6.1 फीसदी कर दिया है। 

साल में पांचवी बार कटौती
बता दें कि यह इस साल में पांचवीं बार है जब रेपो रेट में कटौती की गई है। RBI साल में अब तक चार बार नीतिगत दरों में कटौती कर चुका है। वहीं यह इस साल रेपो रेट में पांचवी कटौती है। इससे पहले केंद्रीय बैंक इस साल अब तक बेंचमार्क रेट में 1.10 फीसद की कटौती कर चुका है।  

इससे पहले अगस्त में हुई बैठक में भी RBI ने रेपो दर कम की थीं। जिसमें रेपो रेट को घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया गया था। इसमें 35 आधार अंकों की कटौती की गई थी। केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को 5.15 फीसदी किया था। 

GDP ग्रोथ
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानि अप्रैल-जून में भारत की GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ 5 फीसदी रह गई है। इसी के साथ देश की GDP ग्रोथ लुढ़ककर साढ़े छह साल के निचले स्तर पर आ गई है। बता दें कि पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में GDP ग्रोथ रेट 5.8 फीसदी दर्ज की गई थी।

सस्ते हुए लोन
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब RBI ने ग्राहकों को नीतिगत दर में कटौता का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने को लेकर बैंकों से कहा है कि वे एक अक्टूबर से अपने कर्ज को रेपो दर जैसे बाह्य मानकों से जोड़े। 

अब चूंकि RBI ने रेपो रेट में कटौती कर दी है, तो इससे बाजार में त्यौहारी सीजन के दौरान मांग तेजी से बढ़ेगी। रेपो रेट में कटौती होने पर होम, कार और कंज्‍यूमर लोन सस्ते हो जाएंगे और आपकी EMI भी घट जाएगी।

 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।