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प्याज की महंगाई पर लगी लगाम, बेकाबू हुआ टमाटर का दाम

October 04th, 2019 21:30 IST
 प्याज की महंगाई पर लगी लगाम, बेकाबू हुआ टमाटर का दाम

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए उपायों के बाद प्याज की महंगाई पर तो लगाम लग गई है, लेकिन अब टमाटर का दाम बेकाबू हो गया है। बीते 10 दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में टमाटर का दाम डेढ़ गुना बढ़ गया है जबकि एक पखवाड़े में टमाटर का भाव दोगुने से भी ज्यादा हो गया है।

दिल्ली में लोगों को एक किलो टमाटर के लिए 80 रुपये से ज्यादा भाव चुकाना पड़ रहा है, जबकि एक पखवाड़े पहले दिल्ली में टमाटर 30-40 रुपये किलो मिल रहा था।

प्याज के दाम को काबू करने के लिए सरकार ने जब से इसके निर्यात पर रोक लगाई है और थोक व खुदरा कारोबारियों के लिए स्टॉक की सीमा तय की है, तब से प्याज का भाव गिरा है।

कारोबारियों ने बताया कि मानसून सीजन के आखिर में देशभर में हुई भारी बारिश के कारण टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

दिल्ली की आजादपुर मंडी के कारोबारी मिंटो चौहान ने बताया कि बारिश के कारण टमाटर सड़ रहा है, इसलिए दाम बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि आजादपुर मंडी में शुक्रवार को टमाटर का थोक भाव 700-1,000 रुपये प्रति पैकेट (एक पैकेट में 25 किलो) था।

वहीं, आजादपुर मंडी एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) की कीमत सूची के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में टमाटर का थोक भाव 12-46 रुपये प्रति किलो था और आवक 556.4 टन थी।

बीते 25 सितंबर को आजादपुर, एपीएमसी की कीमत सूची के अनुसार, टमाटर का थोक भाव आठ रुपये से लेकर 34 रुपये प्रति किलो था और आवक 560.3 टन थी।

वहीं, एक पखवाड़े पहले 19 सितंबर को दिल्ली में एपीएमसी के रेट के अनुसार, टमाटर का थोक भाव 4.50-20 रुपये प्रति किलो था, जबकि आवक 1,700 टन थी।

दिल्ली में इस समय टमाटर महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश से आ रहा है। कारोबारियों ने बताया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के कारण फसल खराब हो गई है, जिससे टमाटर की आवक भी कमजोर है।

आजादपुर एपीएमसी की कीमत सूची के अनुसार, शुक्रवार को प्याज का थोक भाव 15-35 रुपये प्रति किलो था और आवक 1,022.7 टन थी।

कारोबारियों ने बताया कि इन दिनों नवरात्र का त्योहार चल रहा है जिसके कारण प्याज की मांग कम हो गई है।

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pradeep Gurjar October 05th, 2019 09:46 IST

महगाई बहुत बाड़ गई हे

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।