रूस-यूक्रेन युद्ध : आपूर्ति संकट की आशंका से कच्चा तेल आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा

March 3rd, 2022

हाईलाइट

  • अमेरिकी क्रूड भी करीब पांच फीसदी की तेजी से 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया

डिजिटल डेस्क, नयी दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति संकट की आशंका से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बुधवार को आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। रूस पर लगाये गये प्रतिबंधों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है। पश्चिमी देशों ने हालांकि रूस के कच्चे तेल के निर्यात पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन उस पर लगाये अन्य आर्थिक प्रतिबंध कच्चे तेल की कीमतों को आसमान चढ़ा रहे हैं। इसके अलावा रूस का तेल निर्यात भी प्रतिबंध के दायरे में आ सकता है, इसकी आशंका से भी कच्चे तेल को बल मिला है।

अंतराष्ट्रीय बाजार में लंदन का ब्रेंट क्रूड बुधवार को पांच प्रतिशत की छलांग लगाकर 111 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया, जो जुलाई 2014 के बाद का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी क्रूड भी करीब पांच फीसदी की तेजी से 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद का उच्चतम स्तर है।

रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति में इसकी हिस्सेदारी करीब आठ प्रतिशत है। ऐसी आशंका जतायी जा रही है रूस पर लगाये गये प्रतिबंधों का असर रूस के तेल निर्यात पर पड़ेगा, जिससे आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ेगा। युद्ध की स्थिति में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिये ओपेक देशों की बुधवार को बैठक होनी है, जिसमें उत्पादन नीति पर चर्चा होनी है।

यूक्रेन पर रूस के हमले से नाराज कई तेल आयातक देश रूस के अलावा अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। रूस के तेल निर्यात पर प्रतिबंध की आशंका भी उन्हें दूसरे विकल्प तलाशने को मजबूर कर रही है। ऐसी रिपोर्ट है कि भारत की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल शोधक कंपनी भारत पेट्रोलियम भी अप्रैल में तेल आयात के लिये खाड़ी देशों से बात रही है। भारत पेट्रोलियम को यह आशंका है कि प्रतिबंध के कारण रूस से खरीदे गये तेल की डिलीवरी प्रभावित होगी।

भारत पेट्रोलियम ने मार्च के लिये रूस से 10 लाख बैरल और अप्रैल के लिये 30 लाख बैरल की बुकिंग की हुई है। ये बुकिंग एक ऐसी व्यवस्था के तहत है, जिसके मुताबिक माल और मालवाहन जहाज दोनों का बीमा विक्रेता द्वारा कराया जाता है यानी डिलीवरी संबंधी गड़बड़ी का भुगतान भारत पेट्रोलियम को नहीं करना होगा। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के शोध उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता के मुताबिक ब्रेंट क्रूड आने वाले समय में 115 से 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

आईएएनएस