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चीन को झटका: मोदी सरकार के इस ऑफर ने 24 मोबाइल कंपनियों को लुभाया, भारत में होगा अरबों का निवेश

चीन को झटका: मोदी सरकार के इस ऑफर ने 24 मोबाइल कंपनियों को लुभाया, भारत में होगा अरबों का निवेश

हाईलाइट

  • अब भी कई कंपनियों की पहली पसंद वियतनाम
  • भारत में कंपनियां आईं तो 10 लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लद्दाख में जारी विवाद के बीच भारत सरकार चीन पर लगातार व्यापरिक दृष्टि से हमले कर रही है और अब इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। चीन से कारोबार समेट रहीं कंपनियों को लुभाने के लिए मोदी सरकार की ओर से हाल ही में घोषित प्रोत्साहन योजनाओं का अच्छा परिणाम मिलता दिख रहा है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स से एपल इंक तक के असेंबली पार्टनर्स ने भारत में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सरकार ने मार्च में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स के लिए प्रोत्साहन पैकेज के रूप में पीएलआई स्कीम की घोषणा की। इसके तहत भारत में निर्मित सामानों की वृद्धिशील बिक्री पर 4-6 प्रतिशत का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसका फायदा कंपनियां पांच साल तक उठा सकती हैं। 40,995 करोड़ रुपए की पीएलआई योजना का लक्ष्य मोबाइल फोन और इलेक्ट्रानिक कलपुर्जों के उत्पादन को बढ़ाना है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार करीब दो दर्जन कंपनियों ने भारत में मोबाइल फैक्ट्री लगाने के लिए 1.5 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। सैमसंग के अलावा, होन हाई, प्रिसिजन इंडस्ट्रीज, विस्ट्रोन कॉर्प और पेगाट्रोन कॉर्प जैसी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।

अब भी कंपनियों की पहली पसंद वियतनाम 
रिपोर्ट के अनुसार सैमसंग और एपल के अलावा फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन कॉर्प और पेगाट्रॉन जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव और कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बीच ये कंपनियां सक्रिय रूप से अपनी आपूर्ति व्यवस्था में विविधता के लिए नई जगहों की तलाश कर रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के हाल ही में हुए सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। हालांकि, विदेशी कंपनियों के लिए कारोबार सस्ता करने के बावजूद भारत को इसका बड़ा फायदा नहीं हुआ है। इन कंपनियों की पहली पसंद वियतनाम बना हुआ है। इसके बाद कंबोडिया, म्यांमार, बांग्लादेश और थाईलैंड हैं।

10 लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
सरकार को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए योजनाओं से अगले पांच साल में 153 अरब डॉलर के सामानों का उत्पादन होगा और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 10 लाख नौकरियां पैदा होंगी। क्रेडिट सुइस ग्रुप एजी के विश्लेषक नीलकांत मिश्रा के मुताबिक इससे 55 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश अगले पांच साल में आने की संभावना है। इससे ग्लोबल स्मार्ट फोन प्रॉडक्शन का 10 फीसदी अतिरिक्त हिस्सा भारत में शिफ्ट होगा, अधिकतर चीन से।

मोदी सरकार मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत भारत की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा मौजूदा 15 पर्सेंट से बढ़ाकर 25 पर्सेंट करना चाहती है। सरकार ने पहले ही कंपनियों से टैक्स घटाकर एशिया में सबसे कम कर दिया है। बोफा सिक्यॉरिटीज के विश्लेषक अमीश शाह क्लाइंट्स को एक रिपोर्ट में कहते हैं, ''आउटपुट लिंक्ड इंसेंटिव प्लान मेक इन इंडिया के लिए बड़ी जीत है।'' 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।