दैनिक भास्कर हिंदी: आधार के 'फेस ऑथेंटिकेशन फीचर' को 1 जुलाई से लागू करने को तैयार UIDAI

March 26th, 2018

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आधार डाटा को सुरक्ष‍ित बनाए रखने के लिए UIDAI उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों के अलावा अब 'चेहरे की पहचान' को भी 1 जुलाई, 2018 से शामिल करने को तैयार है। इस नई सुविधा से उन लोगों को मदद मिलेगी जिनके आधार सत्यापन में उंगुलियों के निशान और आंखों की पुतलियों से दिक्कत आती है। बता दें कि UIDAI ने जनवरी में यह घोषणा की थी कि वह फेस ऑथेंटिकेशन फीचर को भी शामिल करेगी।

UIDAI के सीईओ अजय भूषण पांडे ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट के सामने दी गई एक प्रेजेंटेशन में कहा था कि आधार डेटा लीक करने के लिए दुनिया के सबसे तेज कंप्यूटर को भी अनगिनत साल लग जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट को सुरक्षा संबंधी जानकारी देते हुए ही उन्होंने बताया था कि फेस ऑथेंटिकेशन 1 जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा। अजय भूषण पांडे ने अपनी प्रेजेंटेशन सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक बेंच के सामने गुरुवार को शुरू की थी जिसे 27 मार्च को वह आगे बढ़ाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की यह बेंच आधार की संवैधानिक वैधता को लेकर दायर की गई कई याचिकाओं की सुनवाई के लिए गठित की गई है।

बता दें कि इस फीचर को एक्ट‍िव करने के लिए आपको एनरोलमेंट सेंटर नहीं जाना होगा। अथॉरिटी अपने डाटाबेस से आपका फेस फोटो लेकर एक्‍टिवेट करेगा। उसके बाद आप जब चाहें तब इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। UIDAI का कहना है कि इस सुविधा की बदौलत न सिर्फ आम लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्क‍ि इससे आधार डाटा की सुरक्षा भी कई गुना बढ़ेगी।

कुछ दिनों पहले कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भरोसा दिलाया था कि आधार सिस्टम में स्टोर फिंगरप्रिंट और आइरिश डेटा पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा था, '(आधार) सिस्टम में मेरी उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों के रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से रखे हैं। करोड़ों कोशिशों के बावजूद इनकी सुरक्षा में सेंध नहीं लगाया जा सकता। यह एक भारतीय तकनीक है।'

उल्लेखनीय है कि यूआईडीएआई ने आधार की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं दूर करने के लिए हाल ही में 16 अंकों का 'वर्चुअल आईडी ' लाने का ऐलान किया। वर्चुअल आईडी को वेबसाइट से जेनरेट कर सिम वेरिफिकेशन से लेकर विभिन्न जरूरतों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।