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शेयर बाजार पर रहेगा अमेरिका-चीन व्यापार करार, खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर

January 12th, 2020 18:00 IST
 शेयर बाजार पर रहेगा अमेरिका-चीन व्यापार करार, खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर

हाईलाइट

  • शेयर बाजार पर रहेगा अमेरिका-चीन व्यापार करार, खाड़ी क्षेत्र में तनाव का असर

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। घरेलू शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार करार और खाड़ी क्षेत्र के तनाव के साथ-साथ प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और घरेलू कंपनियों की तीसरी तिमाही के नतीजों से तय होगी। साथ ही, आगामी बजट से पहले के घटनाक्रमों का भी बाजार पर असर देखने को मिल सकता है।

पिछले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में फौजी तनाव को लेकर पैदा हुए अनिश्चितता के माहौल में शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का दौर बना रहा, हालांकि इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार को अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मसलों को सुलझाने को लेकर होने वाले पहले चरण के करार से दिशा मिल सकती है। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में फौजी तनाव भले ही कम हो गया है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच कड़वाहट कम नहीं हुआ है।

सप्ताह के आरंभ में सोमवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के दिसंबर महीने के आंकड़े जारी होंगे। इसके अगले दिन मंगलवार को थोक महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे।

वहीं, देश की कुछ प्रमुख कंपनियों द्वारा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी किए जाएंगे। प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो के तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे मंगलवार को जारी होंगे। वहीं, एचसीएल टेक्नोलोजीज के वित्तीय नतीजे शुक्रवार को जारी होंगे। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक के वित्तीय नतीजे सप्ताहांत में शनिवार को जारी होने की संभावना है।

अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण का व्यापारिक करार 15 जनवरी को होने की संभावना है। इससे वैश्विक बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखेगा। इसके अलावा, विदेशों में जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से भी शेयर बाजार प्रभावित रहेगा।

चीन में सप्ताह के आखिर में शुक्रवार को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी होंगे। इससे पहले अमेरिका में मंगलवार को दिसंबर महीने की महंगाई दर के आंकड़े और गुरुवार को खुदरा बिक्री समेत अन्य आंकड़े भी जारी होंगे, जिनका असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल सकता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।