Amravati News: डर्टी वीडियो कांड में नए खुलासे, अब परतवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में

डर्टी वीडियो कांड में नए खुलासे, अब परतवाड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में
  • शिकायत अनसुनी करने के आरोपों की पड़ताल शुरू
  • अनसुलझे सवालों के बीच बढ़ा दबाव, पीड़ितों को न्याय दिलाने की चुनौती

Amravati News परतवाड़ा डर्टी वीडियो कांड में अब पुलिस की संदिग्ध भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19, परतवाड़ा) के साथ कुछ पुलिसकर्मियों की बातचीत के वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को मुख्यालय अटैच किया गया है। एसपी विशाल आनंद के अनुसार, सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने यह मुद्दा उठाया था कि एक पीड़िता के परिजन करीब 15 दिन पहले शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस आरोप के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। अचलपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक एवं एसआईटी प्रमुख आईपीएस अधिकारी शुभम कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब भी कई सवाल अनसुलझे : पुलिस जांच में अब तक यह सामने आया है कि आरोपी अयान कथित तौर पर केवल मौज-मस्ती के उद्देश्य से यह कृत्य करता था। हालांकि, ब्लैकमेलिंग, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल या कोचिंग क्लासेस की भूमिका जैसे कई अहम पहलू अब भी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा, आरोपियों के तार जिले के बाहर तक जुड़े हैं या नहीं, इस पर भी स्थिति साफ नहीं है। चिखलदरा के होटलों से जुड़े पहलुओं की भी पुष्टि नहीं हो सकी है।

"हटाया था पद से' सफाई के बावजूद सवालों के घेरे में एमआईएम : 19 वर्ष के मुख्य आरोपी अयान को एमआईएम में सोशल मीडिया प्रमुख बनाए जाने को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इतनी कम उम्र वाले युवक को संगठन में अहम जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई। इस पर राजनीतिक हलकों में तीखी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष इरफान खान ने सफाई देते हुए कहा है कि निकाय चुनाव के तुरंत बाद अयान को पद से हटा दिया गया था, लेकिन अब पूरा कांड सामने आने के बाद विपक्षी दल इस नियुक्ति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल द्वारा पद देते समय पृष्ठभूमि की जांच आवश्यक होती है, जो इस मामले में नजर नहीं आती।


Created On :   17 April 2026 4:05 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story