Amravati News: मेलघाट में बाल-माता मृत्यु रोकने मिशन-28, गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य टीम

मेलघाट में बाल-माता मृत्यु रोकने मिशन-28, गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
  • बाल-माता मृत्यु की घटनाओं को रोकने जिप ने अभियान शुरू किया

Amravati News आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र में हर वर्ष मानसून के दौरान बढ़ने वाली बाल -माता मृत्यु की घटनाओं को रोकने के लिए जिला परिषद ने ‘मिशन-28’ अभियान शुरू किया है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अभाव के कारण बड़े पैमाने पर होने वाले पलायन , कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुंच को देखते हुए प्रशासन ने इस बार मानसून से पहले ही विशेष तैयारी शुरू कर दी हैं। जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले 15 से 20 दिनों से मेलघाट के विभिन्न क्षेत्रों में जोन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही गांव-गांव में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और कुपोषित बच्चों की पहचान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान भी शुरू किया गया है, ताकि बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों का फैलाव रोका जा सके।

गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर विशेष नजर : प्रसूति के अंतिम चरण में पहुंच चुकी गर्भवतियों व गर्भधारण के प्रारंभिक चरण की महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन गांवों में पहुंचकर स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने और उसके फोटो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।

28 दिन पहले और 28 दिन बाद होगी सतत निगरानी : ‘मिशन-28’ के तहत प्रसव से 28 दिन पूर्व और प्रसव के 28 दिन बाद तक माता और नवजात शिशु की स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष नजर रखी जाएगी। इस अवधि में स्वास्थ्य जांच, पोषण, टीकाकरण और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। वर्ष 2022 में इसी अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे, जिसके बाद इसे पुनः शुरू किया गया है।

आंगनवाड़ी सेविकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर माताओं को नवजात शिशुओं के पोषण, स्तनपान और स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी जा रही है। वहीं भूमका जैसे पारंपरिक उपचारों के भरोसे नवजातों का इलाज कराने की कुप्रथा रोकने के लिए स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग गांव-गांव जनजागरण अभियान चला रहा है। मानसून के दौरान रोजगार की तलाश में अन्य क्षेत्रों में जाने वाले परिवारों की निगरानी के लिए प्रशासन स्थलांतरित गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं का विशेष डेटाबेस तैयार करेगा। इससे उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी कर समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

एक महीने तक देखरेख : आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र का तीन-चार बार दौरा कर जमीनी स्थिति का आंकलन किया गया है। बाल एवं माता मृत्यु की रोकथाम के लिए ‘मिशन-28’ शुरू किया गया है। जिससे हर गर्भवती और नवजात की अगले एक महीने तक देखरेख की जा रही है। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक उपाययोजना लागू की जा रही है। -सत्यम गांधी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद अमरावती


Created On :   20 Jun 2026 3:01 PM IST

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