Chandrapaur News: कर्ज के लिए कंबोडिया में किडनी बेचने वाले किसान की गुहार ,मांगने लगा इच्छामृत्यु

कर्ज के लिए कंबोडिया में किडनी बेचने वाले किसान की गुहार ,मांगने लगा इच्छामृत्यु
  • जमीन वापस नहीं दिलवा सकते तो इच्छामृत्यु ही दे दो सरकार...
  • मुख्यमंत्री ने अवैध साहूकार की संपत्ति जब्त करने के दिए थे निर्देश लेकिन अब तक नहीं हुई कार्रवाई

Chandrapur News चंद्रपुर जिले में किडनी कांड का एक दिल दहला देनेवाला मामला उजागर होने के बाद यह प्रकरण पूरे राज्यभर में गूंजा तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए। नागभीड़ तहसील के मिंथूर गांव के किसान रोशन कुडे अवैध साहूकारों के चंगुल में इस कदर फंस गए कि उन्हें कंबोडिया जाकर अपनी किडनी बेचने जैसा खौफनाक कदम उठाना पड़ा। लेकिन अब तक पीड़ित किसान को अपनी जमीन वापस नहीं मिली और न ही दोषियों पर कोई सख्त कार्रवाई हुई।

अब न्याय के लिए दर-दर भटकते पीड़ित किसान ने प्रशासन से गुहार लगाई है, “अगर मेरी जमीन वापस नहीं दिला सकते, तो मुझे इच्छामृत्यु ही दे दो।” यह मामला सिर्फ एक किसान की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है। हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट सत्र में अवैध साहूकारों की संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए है, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है।

गौरतलब है कि, कर्ज के बोझ तले दबे रोशन कुडे को अवैध साहूकारों ने इस हद तक प्रताड़ित किया कि उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर विदेश में किडनी बेच दी, लेकिन इसके बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और वे आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। रोशन कुडे का आरोप है कि अवैध साहूकार आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। कुडे की आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है, लेकिन साहूकारों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है, जिससे उसके सामने रोजी-रोटी का गभीर संकट खड़ा हो गया है।

अपनी जमीन वापस पाने के लिए पिछले चार महीनों से वे जिलाधिकारी कार्यालय और विभिन्न सरकारी विभागों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपनी जमीन वापस नहीं मिली है। एक ओर सरकार किसानों के हित में बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है, वहीं दूसरी ओर एक किसान को अपनी किडनी बेचने के बाद भी न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है, जो प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करता है।


Created On :   4 April 2026 5:24 PM IST

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