Chandrapur News: बाघ के हमले में दो माह में चार मौत , झाडू के लिए लकड़ियां लाने जंगल गई थी वृद्धा, घर लौटा क्षत-विक्षत शव

बाघ के हमले में दो माह में चार मौत , झाडू के लिए लकड़ियां लाने जंगल गई थी वृद्धा, घर लौटा क्षत-विक्षत शव
बाघ के हमले में गई एक और जान

Chandrapur News पिछले तीन दिनों से लापता बुजुर्ग महिला का शव आज सुबह खेत के पास नर्सरी में दिखाई दिया है। यह दिल दहला देने वाली घटना ब्रम्हपुरी से लगभग 30 किमी दूर पद्मापुर गांव में सामने आई है। प्राथमिक अनुमान है कि यमुना मडावी की मृत्यु बाघ के हमले में हुई है। आज की घटना के साथ ही दो महीने में वन्यजीव के हमले में मरने वालों की संख्या 4 हो गई है।

25 फरवरी की सुबह पद्मापुर यमुना बाजीराव मडावी (70) घर में झाडू की लकड़िया जमा करने के लिए गांव के पास नर्सरी में गई थी। किंतु देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिवार वालों ने उसकी खोज शुरू की। किंतु तीन दिनों बाद भी उसका पता नहीं चला था। अंतत: आज 27 फरवरी की सुबह 8 बजे उसका शव क्षत-विक्षत अवस्था में दिखाई दिया है। घटना की सूचना मिलते ही ब्रम्हपुरी वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची है। वनविभाग के अधिकारियों ने तत्काल शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल में भेज दिया है। वनविभाग की ओर से मृतक के परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है।

वन्यजीवों के हमले में मृत्यु की 4 थीं घटना : इसके पूर्व 13 जनवरी को नागभीड़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत टेकरी में तोरगांव निवासी किसान भाऊराव विठोबा राऊत (60) नामक किसान पर बाघ ने हमला कर दिया जिसमें उसकी मौत हो गई थी। 16 जनवरी की रात 10 बजे बल्लारपुर तहसील के कलमना निवासी नितेश सुभाष शेंडे (32) पर तेंदुए ने हमला कर दिया था जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया और 18 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी, 31 जनवरी को चंद्रपुर तहसील के चारगांव निवासी उद्धव वारलुजी मोहुर्ले (65) की बाघ के हमले में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद आज 27 फरवरी को यमुना मडावी (70) की बाघ के हमले में मृत हो गई है। है इसके साथ ही दो महीने में 2 किसान समेत 4 लोगों की वन्यजीवों के हमले में मौत हो चुकी है।


Created On :   27 Feb 2026 7:46 PM IST

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