MP News: डिफॉल्टर हो रहे किसान, ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल करें सरकार - सिंघार

डिफॉल्टर हो रहे किसान, ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल करें सरकार - सिंघार

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों की गेहूं खरीदी 3000 रुपये प्रति क्विंटल करने और ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तिथि कम से किसान समय पर ऋण जमा नहीं कर सकें और डिफाल्टर हो गए। सिंघार ने कहा है कि वर्तमान में किसान आर्थिक संकट से गुजर रहा है, ऐसे में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 1 अप्रैल से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ होती है, जबकि किसानों के लिए ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित है। इस कारण किसानों को अपनी उपज बेचने से पहले ही ऋण चुकाने का दबाव झेलना पड़ता है।

पहले 30 अप्रैल थी ऋण वसूली की अंतिम तिथि

सिंघार ने कहा कि पूर्व में ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक रहती थी, जिससे किसानों को फसल बेचकर भुगतान करने का पर्याप्त समय मिल जाता था। लेकिन पिछले वर्ष तिथि में बदलाव कर इसे 31 मार्च कर दिया गया, जिसके कारण कई किसान समय पर ऋण जमा नहीं कर सके और डिफाल्टर घोषित हो गए। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की है कि किसानों की ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च के स्थान पर स्थायी रूप से 30 अप्रैल निर्धारित की जाए। साथ ही, तिथि परिवर्तन के कारण डिफाल्टर घोषित किसानों को राहत देते हुए कर्ज माफी या विशेष छूट प्रदान की जाए। किसानों से 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी हो।

Created On :   26 March 2026 8:49 PM IST

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