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Gadchiroli News: उपजाऊ जमीन नहीं देंगे, जबरन अधिग्रहण हुआ तो आर-पार की लड़ाई : किसान

- येनापुर-जैरामपुर के 13 गांवों में प्रस्तावित एमआईडीसी के खिलाफ चित्तरंजनपुर में हजारों किसानों की हुंकार
- 90 दिन की आपत्ति अवधि पूरी होने से पहले ही प्रक्रिया शुरू करने का आरोप; प्रशासन के खिलाफ जताया रोष
- भूमि अधिग्रहण जारी रखने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी, किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देने का दोहराया संकल्प
Gadchiroli News तहसील के येनापुर-जैरामपुर क्षेत्र के 13 गांवों में प्रस्तावित एमआईडीसी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह बंद करने की मांग को लेकर मंगलवार, 8 सितंबर को चित्तरंजनपुर गांव में विशेष सहविचार सभा आयोजित की गई। सभा में क्षेत्र के हजारों किसान शामिल हुए। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे। जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो इसका करारा जवाब देने की चेतावनी भी दी गई।
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सरकार ने येनापुर और जैरामपुर क्षेत्र के 13 गांवों में एमआईडीसी प्रस्तावित की है। इसके लिए सरकारी स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। स्थानीय किसान लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले भूमि का सर्वेक्षण करने पहुंचे एक निजी कंपनी के दो कर्मचारियों को किसानों ने बंधक भी बनाया था।
इस बीच जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किसानों के बेमियादी धरने को देखते हुए सह-पालकमंत्री एड. आशीष जायसवाल ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 90 दिनों की अवधि देने के आदेश जारी किए थे। किसानों का आरोप है कि यह अवधि पूरी होने से पहले ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी को लेकर मंगलवार को चित्तरंजनपुर में आयोजित सभा में किसानों ने सरकार और प्रशासन का कड़ा निषेध किया। किसानों ने कहा कि उनकी उपजाऊ जमीन ही उनकी आजीविका का आधार है। इसे किसी भी कीमत पर नहीं दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने प्रक्रिया जारी रखी तो आने वाले समय में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ और अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा। सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
Created On :   9 Sept 2026 1:53 PM IST














