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सांप के डसने से मौत मामला: तीन छात्राओं की मौत के बाद आदिवासी विकास विभाग की बड़ी कार्रवाई, अध्यक्ष - सचिव के खिलाफ मनुष्यवध का केस

Gadchiroli News. धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित अनुदानित प्राथमिक एवं माध्यमिक आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत और तीन अन्य छात्राओं के गंभीर होने के मामले में आदिवासी विकास विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। घटना के बाद बुधवार को आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने आश्रमशाला का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और आश्रमशाला में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री डॉ. उईके ने बताया कि मामले में आश्रमशाला संस्था के अध्यक्ष मारोतराव कोवासे (पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्व सांसद) और सचिव एड. विश्वजीत कोवासे (कांग्रेस गड़चिरोली जिलाध्यक्ष) के खिलाफ मनुष्यवध का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा संस्था की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
घटना की रात जिम्मेदार अधिकारी थे नदारद
मंत्री ने बताया कि घटना की रात आश्रमशाला से प्रधानाध्यापक प्रशांत ताटपल्लीवार, महिला छात्रावास अधीक्षक भाग्यश्री चिल्लमवार और छात्रावास अधीक्षक भास्कर भोयर के नदारद रहने की बात सामने आई है। इन तीनों के खिलाफ धानोरा पुलिस थाने में बाल न्याय अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
घटना के बाद आश्रमशाला में विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प के प्रकल्प अधिकारी सहित कुछ अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के आदेश दिए हैं।
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आश्रमशालाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जपतलाई की आश्रमशाला में सर्पदंश की घटना ने राज्य की अनुदानित आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों के रहने, सोने, स्वच्छता, परिसर की साफ-सफाई और आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी विभाग अब सख्ती बरतने की तैयारी में है।
मंत्री डॉ. उईके ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य की किसी भी अनुदानित आश्रमशाला में लापरवाही के कारण विद्यार्थी को नुकसान पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के संस्थापक की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने पर संबंधित संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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अभिभावकों से ली घटना की जानकारी
आश्रमशाला पहुंचे मंत्री ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी लेने के साथ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। विभाग की ओर से घटना की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। सर्पदंश की इस घटना में तीन छात्राओं की मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद आदिवासी विकास विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
Created On :   12 Aug 2026 9:32 PM IST












