Jabalpur News: मेडिकल के 7 दशक पुराने भवन टूटेंगे, बनेगी मल्टी स्टोरी

मेडिकल के 7 दशक पुराने भवन टूटेंगे, बनेगी मल्टी स्टोरी
प्रबंधन ने तैयार किया मास्टर प्लान सरकार को भेजा, पहले फेज में 800 करोड़ से होंगे निर्माण कार्य

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पुराने भवन को बने हुए अब 7 दशक से अधिक हो चुके हैं। बरसों से मरीजों के दबाव काे झेल रही इमारत अब धीरे-धीरे दम तोड़ रही है, जिसके चलते लंबे समय से नई इमारत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब प्रबंधन ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित परिसर को दो फेज में बनाया जाएगा। पहले फेज का कार्य करीब 800 करोड़ रुपए से होगा, जिसका प्लान बनाकर प्रबंधन ने शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।

अस्पताल की पुरानी जर्जर इमारतों की जगह अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी स्टोरी बिल्डिंगें बनाने की तैयारी है। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में बीते तीन वर्षों से औसतन 6 लाख मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। वहीं करीब 80 हजार मरीज आईपीडी में पहुंचे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक भवनों का निर्माण आवश्यक हाे गया है।

सुपर स्पेशलिटी का एक्सटेंशन भी इसी में शामिल

प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण में 800 करोड़ खर्च कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नया भवन बनेगा। जिसमें ओपीडी, इमरजेंसी सहित विभिन्न विभाग शामिल होंगे। नया भवन वर्तमान में मौजूद धोबीघाट एरिया में बनाया जाएगा। नया भवन बनने तक पुरानी इमारत में ही मरीजों को उपचार दिया जपाएगा। इसके साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एक्सटेंशन, नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल और पी टाइप क्वार्टर भी इसी बजट में शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण में 400 करोड़ रुपए खर्च कर आवासीय परिसरों, हॉस्टलों और शेष विभागों को नया स्वरूप दिया जाएगा।

कुछ ऐसी है नए भवनों की प्लानिंग

नए निर्माणों में ओपीडी, इमरजेंसी विभाग, रजिस्ट्रेशन, एक्स-रे, नर्सिंग कॉलेज, गर्ल्स और ब्वाॅयज हॉस्टल, टीबी चेस्ट बिल्डिंग, बच्चा वार्ड, मानसिक रोग विभाग, एआरटी सेंटर, स्पाइनल इंजरी सेंटर शामिल हैं।

इसके साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों के अवासीय भवन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की तर्ज पर बनाए जाएंगे। इसमें बी टाइप में एक, सी टाइप में 5, डी में 50, ई में 100, एफ में 200, जी में 150, एच में 300 और आई टाइप में 400 आवासीय भवन बनेंगे।

1200 हो जाएगी बेड क्षमता

बताया जा रहा है कि नया भवन बनने के बाद अस्पताल में बेड भी बढ़ेंगे। वर्तमान में पुरानी बिल्डिंग में करीब 700 बेड हैं, जोकि नए भवन में बढ़कर 1200 तक पहुंच जाएंगे। 500 बेड बढ़ने का फायदा सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगा।

मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए नए भवनों की आवश्यकता और जर्जर भवनाें की जगह नए भवन बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसके बाद पहले फेज के लिए 800 करोड़ का प्लान बनाकर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा है।

-डॉ. नवनीत सक्सेना, डीन एनएससीबी मेडिकल कॉलेज

Created On :   27 Feb 2026 4:46 PM IST

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