Jabalpur News: वादे खूब हुए पर कई रूटों पर अब तक शुरू नहीं हो पाईं मेट्रो बसें, लोग परेशान

वादे खूब हुए पर कई रूटों पर अब तक शुरू नहीं हो पाईं मेट्रो बसें, लोग परेशान
विडंबना: महज 45 बसों के सहारे है शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, अंदरूनी क्षेत्रों में महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मेट्रो बसें निम्न और मध्यम आय वर्गीय परिवारों के लिए बड़ा सहारा हैं। खासकर बुजुर्ग और महिलाएं इस पर ज्यादा आश्रित हैं, लेकिन इस समय शहर के कई अंदरूनी मार्गों पर मेट्रो बसें चल ही नहीं रही हैं। नागरिकों ने बताया कि मदन महल-दमोहनाका फ्लाईओवर के निर्माण की आड़ में कई मेट्रो बसें बंद कर दी गई हैं।

जनता की मांग पर जेसीटीएसएल के अफसरों ने वादा किया था कि इन बसों को जल्द शुरू किया जाएगा, लेकिन जनता के हाथ अभी भी खाली हैं। फ्लाईओवर बनने के डेढ़ साल बाद भी कई स्थानों पर बसें शुरू नहीं हो पाई हैं। इससे सबसे ज्यादा बुजुर्ग और महिलाएं प्रभावित हैं।

उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूप और गर्मी के बीच उन्हें ज्यादा और मनमाना किराया चुकाकर ई-रिक्शों और ऑटो आदि में सफर करना पड़ रहा है। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि खाली रूटों पर बंद की गई बसों को जल्द प्रारंभ किया जाना चाहिए।

जानकारों के अनुसार जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से पूर्व में शहर में 55 बड़ी और 60 छोटी मेट्रो बसों का संचालन किया जाता था। इनमें छोटी मेट्रो बसें कॉलोनियों के अंदरूनी मुख्य मार्गों पर भी चलती थीं, जो निम्न व मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए आवागमन का बहुत बड़ा सहारा थीं।

छोटी बसें पूर्ण रूप से बंद होने के बाद लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। वे ई-रिक्शा और ऑटाे आदि में ज्यादा किराया देकर आवागमन करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अगर बेहतर बना दिया जाए, तो लोगों को आवागमन में आसानी हो जाएगी।

वर्तमान में केवल 45 बड़ी बसें, कई रूट लंबे समय से पड़े हैं खाली

जानकारों के अनुसार शहर की सड़कों पर वर्तमान में 45 मेट्रो बसों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में शहर के कई रूट मेट्रो सेवा से वंचित हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर के गौरीघाट, दमोहनाका, रांझी जैसे रूटों पर पूरी मेट्रो बसें संचालित नहीं हो रही हैं। इसके अलावा पनागर, शहपुरा, पाटन और आसपास के क्षेत्रों तक जाने वाली बसें पूरी तरह से नहीं चल रही हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग आवाजाही के लिए ऑटो, ई-रिक्शा के भरोसे हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जून माह में 40 ई-बसों की पहली खेप मिलने की उम्मीद

पीएम ई-बस योजना के तहत जबलपुर को जून माह के अंतिम सप्ताह तक 40 नई ई-बसों की पहली खेप मिल सकती है। इसके बाद द्वितीय चरण में 35 और तृतीय चरण में 25 बसें शहर पहुंचेंगी। ये बसें न केवल आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होंगी।

इन रूटों पर मेट्रो बसों का संचालन

वर्तमान में शहर के मात्र 9 रूटों पर ही यात्रियों को मेट्रो बस सेवा का लाभ मिल पा रहा है, जिनमें, तीन पत्ती से रांझी, रेलवे स्टेशन से पनागर, रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट, दीनदयाल चौक से बरेला, दमोहनाका से भेड़ाघाट, रेलवे स्टेशन से बरगी, रेलवे स्टेशन से शहपुरा, रेलवे स्टेशन से पाटन व दीनदयाल चौक आईएसबीटी से एयरपोर्ट शामिल हैं।

शहर में वर्तमान में 45 मेट्रो बसें संचालित की जा रही हैं। जिन रूटों पर अभी ये बसें नहीं चल रही हैं। ई-बसें मिलने के बाद उन मार्गों को भी बस सेवा से जोड़ दिया जाएगा।

- सचिन विश्वकर्मा, सीईओ, जेसीटीएसएल

Created On :   16 May 2026 2:10 PM IST

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