- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जबलपुर
- /
- लेबर कोर्ट के निर्णय को पलटने की...
Jabalpur News: लेबर कोर्ट के निर्णय को पलटने की कोशिश करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई-हाईकोर्ट

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। मप्र हाई कोर्ट ने विभागीय आदेश के जरिए लेबर कोर्ट का निर्णय पलटने पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस दीपक खोत की डिवीजन बैंच ने फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के अधिकारियों से पूछा है कि लेबर कोर्ट के निर्णय को पलटने वालों पर क्या कार्रवाई की गई।
डिवीजन बैंच ने तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। एफसीआई की ओर से दायर की गई रिट अपील में कहा गया कि लेबर कोर्ट ने लम्हेटाघाट जबलपुर निवासी अर्जुन पटेल और ठक्कर ग्राम निवासी अब्दुल खालिद दानिश को नियमित करने का आदेश पारित किया था। इसके खिलाफ हाई कोर्ट की एकलपीठ में याचिका दायर की गई।
एकलपीठ ने आदेश में आंशिक संशोधन किया। इसके बाद डिवीजन बैंच में रिट अपील दायर की गई। सुनवाई के दौरान डिवीजन बैंच ने सवाल किया कि लेबर कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करने में देरी क्यों हुई। एफसीआई की ओर से बताया गया कि अधिकारियों ने लेबर कोर्ट के आदेश के बावजूद एक विभागीय आदेश जारी कर दिया।
उचित न्यायिक फोरम में देना था चुनौती
एफसीआई के जवाब पर डिवीजन बैंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी यदि लेबर कोर्ट के निर्णय से असहमत थे तो उन्हें आदेश को उचित न्यायिक फोरम में चुनौती देना था। डिवीजन बैंच ने कहा कि किसी विभागीय आदेश के जरिए कोर्ट के निर्णय को शून्य करने का प्रयास कानून के शासन के विपरीत है।
शोकॉज नोटिस से नहीं चलेगा काम
डिवीजन बैंच ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को केवल शोकॉज नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा। एफसीआई को यह बताना होगा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और उनकी जवाबदेही किस प्रकार तय की गई। अनावेदक कर्मचारियों की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमार अग्रवाल और उत्कर्ष अग्रवाल पैरवी कर रहे हैं।
Created On :   11 Jun 2026 5:25 PM IST










