जबलपुर न्यूज: देश लोकतंत्र से चलेगा, खानदान से नहीं : डॉ मोहन यादव
डिजिटल डेस्क जबलपुर।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस और राहुल गांधी से दो टूक शब्दों में कहा कि देश का शासन केवल संविधान से चलेगा, किसी खानदान की मर्जी से नहीं। एक साधारण पृष्ठभूमि के व्यक्ति का प्रधानमंत्री पद संभालना विपक्ष को पच नहीं रहा है और इसी हताशा के चलते वर्ष 2029 के आम चुनाव में इस दल का पूरी तरह राजनीतिक सफाया तय है।वे जबलपुर में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा के समापन के पश्चात गोलबाजार में मंच से बोल रहे थे। उन्होंने याद दिलाया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के कांग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित होने के दौर में भी दल के भीतर चुनावी धांधलियां सामने आई थीं तथा पूर्ववर्ती सरकारों में चुनाव आयुक्तों के साथ दुर्व्यवहार का लंबा रिकॉर्ड रहा है। पदयात्रा गोलबाजार से शुरू होकर मालवीय चौक, लार्डगंज, फुहारा, अंधेरदेव, तुलाराम चौक और करमचंद चौक तक 4 किलोमीटर के रास्ते पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ निकले 1 घंटे के पैदल मार्च में उमड़ी भीड़ ने विपक्ष की अराजक राजनीति को नकार दिया है। पदयात्रा में सभी वर्गों की सहभागिता रही। पदयात्रा का रास्ते में मंच लगाकर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मंच का संचालन नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं अाभार प्रदर्शन राजकुमार पटेल ने किया। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम एवं प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, सांसद अाशीष दुबे, सुमित्रा वाल्मीकि, संभागीय प्रभारी राहुल कोठारी आदि शामिल रहे।
संवैधानिक मर्यादाओं को लांघना शर्मनाक
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्षी नेताओं पर देश की अर्थव्यवस्था और गरिमा को चोट पहुंचाने का सीधा आरोप मढ़ा। 6 अक्टूबर 2026 को इस जनजागरण पदयात्रा की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का वक्त मांगा, किंतु तय प्रक्रिया के अनुरूप प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम और ज्ञापन आयोग को नहीं सौंपे। इसके बाद आकाशवाणी परिसर में हंगामे और धक्का-मुक्की की अप्रिय स्थिति पैदा की गई। 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन कूच की घोषणा के दौरान भी 10 व्यक्तियों की अधिकृत सूची सौंपने के बाद आवश्यक नियमों का उल्लंघन किया गया। राष्ट्रपति के समक्ष लगाए गए आरोपों के पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके। इसके अलावा 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट कूच के आह्वान पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा याचिका पर सामान्य सुनवाई के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद धमकियों की भाषा का प्रयोग निंदनीय है। 2024 के लोकसभा चुनाव में देश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट जनादेश दिया है, इसलिए सड़कों पर मार्च निकालकर सत्ता परिवर्तन नहीं कराया जा सकता। भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की विकास दर से फल-फूल रही है, जिसे मृत बताना राष्ट्र की वैश्विक छवि को आघात पहुंचाने का षड्यंत्र है।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध अनैतिक -
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मतदाता सूची में दोहराव, मृत व्यक्तियों और विदेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध करने पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि फर्जी और दोहरे नामों को सूची में बनाए रखने की जिद विपक्षी दल की मंशा को उजागर करती है। लगातार मिल रही चुनावी शिकस्त की बौखलाहट से ध्यान भटकाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित प्रहार किए जा रहे हैं।
विधानसभावार शामिल हुए नेता -
पदयात्रों में जिले की सभी भाजपा विधायकों के नेतृत्व में अलग-अलग विधानसभावार शामिल हुए। शहर के केंट विधायक अशोक रोहणी, उत्तरमध्य विधायक अभिलाष पांडे, ग्रामीण क्षेत्र के पाटन विधानसभा के विधायक अजय विश्नोई, पनागर के इंदू तिवारी, बरगी के नीरज सिंह एवं सिहाेरा विधानसभा के विधायक संतोष बड़कड़े के नेतृत्व में क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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