कोतमा न्यूज: सब्जी बेचकर पूरे परिवार को पालने वाली अंजलि केवट, 4 साल से अपने दम पर बैठा रही हैं बप्पा की मूर्ति ।

सब्जी बेचकर पूरे परिवार को पालने वाली अंजलि केवट, 4 साल से अपने दम पर बैठा रही हैं बप्पा की मूर्ति ।
आज के दौर में जहां बड़े-बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए लोग चंदे और सहयोग पर निर्भर रहते हैं, वहीं अंजलि ने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया

डिजिटल डेस्क कोतमा

असाधारण हौसला - पिता के साए के बिना सब्जी बेचकर मां और भाई-बहन की जिम्मेदारी उठाने वाली अंजलि, कोतमा नगर के केशवाही चौराहा पर अपने स्वयं के खर्च से सार्वजनिक गणेश प्रतिमा की स्थापना। यह खबर किसी बड़े उद्योगपति या रसूखदार व्यक्ति की नहीं है, बल्कि कोतमा नगर की एक ऐसी साधारण लड़की की है जिसका हौसला और जज्बा बेहद असाधारण है। अंजलि केवट जो अपनी कड़ी मेहनत, अटूट भक्ति और आत्मनिर्भरता के दम पर आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।अंजलि के सिर पर पिता का साया नहीं है। पिता के जाने के बाद परिवार पर आए संकट के बीच अंजलि ने खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली। वह दिन-रात कड़ी मेहनत करके सब्जी बेचती हैं और अपने मां, भाई और बहन का पूरा खर्च अकेले अपने दम पर उठाती हैं। पूरे परिवार के भरण-पोषण के इस भारी बोझ के बावजूद अंजलि के भीतर की धार्मिक और सामाजिक भावना रत्ती भर भी कम नहीं हुई है।अंजलि के दिल में बप्पा के प्रति ऐसी अटूट श्रद्धा है कि वह पिछले 4 सालों से लगातार अपनी गाढ़ी कमाई की बचत से कोतमा नगर के केशवाही चौराहा पर भगवान गणेश की भव्य मूर्ति की स्थापना करती आ रही हैं। अंजलि का दृढ़ विश्वास है और उनका कहना है कि वह आज जो कुछ भी कर पा रही हैं, अपने परिवार को संभाल रही हैं और हर साल बप्पा की मूर्ति की स्थापना सार्वजनिक रूप से करती आ रही हैं, यह सब केवल और केवल विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी की असीम कृपा से ही संभव हो पा रहा है। उन्हीं की कृपा उसे हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देती है।आज के दौर में जहां बड़े-बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए लोग चंदे और सहयोग पर निर्भर रहते हैं, वहीं अंजलि ने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। अंजलि केवट ने बताया कि भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ ही डेकोरेशन का खर्च लगभग 60-70 हजार रुपए आया है।अपनी मां और भाई-बहन को पालने के साथ-साथ, वह अपनी रोज की कमाई का एक-एक पैसा जोड़कर इस सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान का पूरा खर्च खुद उठाती हैं। उनकी इस आत्मनिर्भरता और भक्ति भाव को देखकर केशवाही चौराहा और पूरे कोतमा शहर के लोग हैरान हैं और उनकी इस हिम्मत की खूब सराहना कर रहे हैं।अंजलि केवट का यह प्रयास समाज को यह संदेश देता है कि यदि मन में सच्ची श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और परिवार के प्रति कर्तव्य का भाव हो, तो कोई भी परिस्थिति आपकी राह में रोड़ा नहीं बन सकती। सब्जी की दुकान से लेकर बप्पा के पंडाल तक का उनका यह सफर वाकई हर किसी के दिल को छू लेने वाला और प्रेरणादायक है।

गणेश जी के पंडाल मे अंजलि की भक्ति को देखते हुए राहुल सिंह राज सिंह जरूर दिन रात पंडाल मे रहते हैं।


Created On :   20 Sept 2026 5:43 PM IST

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