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Nagpur News: 1 मई को होगी मचान से वन्यजीवों का दीदार , 20 अप्रैल से कर सकतें रजिस्ट्रेशन

Nagpur News पेंच व्याघ्र प्रकल्प एवं उमरेड-पवनी-कऱ्हाडला अभयारण्य में इस वर्ष भी पानीस्थलों पर निसर्ग अनुभव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हर साल की तरह इस साल भी बुध्द पुर्णिमा मचान से वन्यजीवों का दीदार किया जाएगा। 1 मई रात्रि बुधवार को पानीस्थल पर निसर्ग अनुभव कार्यक्रम-2026 का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष 2025 में इस कार्यक्रम को निसर्ग प्रेमियों से भरपूर प्रतिसाद मिला था। उस समय 200 से अधिक निसर्ग प्रेमियों ने आवेदन किया, लेकिन मचानों की सीमित संख्या के कारण केवल 76 भाग्यशाली लोगों को ही इस अनोखे अनुभव में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ था। इसे देखते हुए इस बार पेंच व्याघ्र प्रकल्प में कुल 76 मचानों का निर्माण किया जानेवाला है।
इस बार पेंच व्याघ्र प्रकल्प के बफर क्षेत्र के अंतर्गत पवनी (वन्यजीव) एकसंघ नियंत्रण, नागलवाडी (वन्यजीव) एकसंघ नियंत्रण तथा उमरेड-पवनी-कऱ्हाडला अभयारण्य के उमरेड, कुही और पवनी वनपरिक्षेत्रों में कुल 5 वनपरिक्षेत्रों की 76 मचानों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इच्छुक व्यक्तियों को 1 मई को दोपहर 3 बजे से अगले दिन 2 मई को सुबह ८.०० बजे तक मचान पर बैठकर वन्यजीवों का निरीक्षण करना होगा तथा अपनी नोटबुक में अनुभव दर्ज करने होंगे। इस कार्यक्रम में केवल 18 वर्ष पूर्ण कर चुके व्यक्तियों को ही भाग लेने की अनुमति है।
इस तरह होगा आवेदन : पानीस्थल पर निसर्ग अनुभव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इच्छुक निसर्ग प्रेमी 20 अप्रैल से www.penchtigerreserve.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध Google Form में आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म भरने की अवधि 20 अप्रैल दोपहर 12 बजे से 22 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक ही रहेगी। आवेदनों पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। यह कार्यक्रम प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनमोल अवसर है, जिसमें वे रात्रि में जंगलों के पानीस्थलों पर बैठकर वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों को नजदीक से देख और अनुभव कर सकते हैं।
अब नहीं आंकडों अधीकृत : पहले बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मचानों और वॉच टावरों से वाटर होल पर आने वाले वन्यजीवों की गणना की जाती थी, जिससे क्षेत्र में बाघों और अन्य प्रजातियों की संख्या का अनुमान लगाया जाता था। हालांकि, इस गणना में त्रुटियों की संभावना के कारण वन विभाग ने इसे बंद कर दिया। अब यह गतिविधि केवल प्रकृति प्रेमियों के लिए अनुभव और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आयोजित की जाती है।
रातभर जंगल का अनुभव होगा अद्भुत : इस अनुभव के दौरान पर्यटकों को रातभर जंगल में रहने का मौका मिलेगा। चांदनी रात में जलस्त्रात के पास बाघ, भालू, हिरण, खरगोश जैसे वन्यजीवों को देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। कई बार इन जंगलों में दुर्लभ प्रजातियां, जैसे सिल्वर भालू भी दिखाई देते हैं।
Created On :   16 April 2026 3:54 PM IST














