रोजगार पर संकट: शहर के ज्वेलर्स ने की जनता से पुराने सोने को रीसाइकिल करने का आह्वान, मोदी की अपील के बाद आभूषण उद्योग पर पड़ सकता है असर

शहर के ज्वेलर्स ने की जनता से पुराने सोने को रीसाइकिल करने का आह्वान, मोदी की अपील के बाद आभूषण उद्योग पर पड़ सकता है असर
  • हजारों करीगरों के रोजगार पर संकट
  • पुरानी ज्वेलरी गलाएं, नई खरीदें
  • नागपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अपील का स्वागत किया

Nagpur News. पश्चिम एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक वर्ष तक सोने की खरीद टालने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद रत्न एवं आभूषण उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। शहर के सराफा कारोबारियों के अनुसार प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाले रत्न एवं आभूषण उद्योग पर प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद दबाव बढ़ सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि "हम सोने की जिम्मेदारी से खपत करने संबंधी प्रधानमंत्री की अपील को समझते हैं। यह बढ़ते आयात और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव की व्यापक राष्ट्रीय चिंता को दर्शाती है। भारत में पहले से ही हजारों टन सोना घरों में रखा हुआ है। ऐसे में समाधान केवल सोने की मांग घटाने में नहीं, बल्कि स्वर्ण मौद्रीकरण योजना (जीएमएस) के जरिये मौजूदा सोने के उपयोग में है।

हजारों करीगरों के रोजगार पर संकट

अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन और सोना चांदी ओल कमेटी, नागपुर के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल विदेश से आयातित सोना खरीदी को टालने का अनुरोध किया है, लेकिन देश में मौजूद सोने की ज्वेलरी की खरीद रोकने के लिए नहीं कहा है। लोग अब भी अपने पुराने गहनों को रीसाइकिल कर नई ज्वेलरी बना सकते हैं। इसके लिए सरकार स्कीम लाने की भी तैयारी में है। इस उद्योग से शहर में 8 से 10 हजार करीगर जुड़े हुए हैं। उनके सामने बेरोजगारी का संकट आ सकता है।

जरूरत का सोना खरीदें

सराफा कारोबारी और कैट नागपुर के अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री ने जनता से सोना न खरीदने की अपील की है, लेकिन उन्होंने कहीं भी यह नहीं कहा कि ज्वेलरी न खरीदें। इसीलिए हम जनता से अपील करते हैं कि उन्हें जितना जरूरत है वे उतना ही सोना खरीदें।

पुरानी ज्वेलरी गलाएं, नई खरीदें

सराफा व्यापारी प्रदीप कोठारी के अनुसार ज्वेलरी इंडस्ट्री हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करती है। सोना सुरक्षा का प्रतीक है। सरकार ने डिजिटल गोल्ड को प्रमोट करना चाहिए। साथ ही पुरानी ज्वेलरी गलाकर, नई ज्वेलरी बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

नागपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अपील का स्वागत किया

प्रधानमंत्री की एक वर्ष के लिए सोना तथा सोने के आभूषण, विदेश यात्रा तथा क्रूड आयल की बचत करने की अपील का नागपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स (एनसीसीएल) ने स्वागत किया है। चेंबर के अनुसार, इरान युद्ध और बढ़ते बैलेंस ऑफ पेमेंट को कंट्रोल करने के लिए यह अपील की गई है। वित्तिय वर्ष 2026 में 7200 करोड़ डॉलर का सोना आयात हुआ है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष से 25 प्रतिशत ज्यादा है। अगर 30 प्रतिशत भी सोने की खरीदी कम होती है, तो 2000 करोड़ डॉलर की बचत होगी। चेंबर के अध्यक्ष कैलास जोगानी ने निवेशकों को अन्य निवेश में जाने की सलाह दी है।

Created On :   12 May 2026 2:11 PM IST

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