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Nagpur News: दिल्ली से नागपुर तक फैला केबल चोरों का जाल ध्वस्त, अंतरराज्यीय गैंग के 9 सदस्य दबोचे

Nagpur News शहर में लगातार हो रही केबल चोरी की वारदातों के पीछे सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़े एक संगठित गैंग के 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर के दो बड़े केबल चोरी मामलों का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 85 लाख 98 हजार 500 रुपए का माल जब्त किया है, जिसमें हायड्रा क्रेन, आयशर टेम्पो, बीएसएनएल केबल के टुकड़े और चोरी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान शामिल है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह नागपुर में सार्वजनिक और दूरसंचार विभाग की केबलों को निशाना बनाकर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा रहा था। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से रात के समय केबल काटते थे और उन्हें स्क्रैप के रूप में बेच देते थे।
क्राइम ब्रांच यूनिट-3 को जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर aeopi सरताज शाहिद हुसैन, परवेज मुसा खान, मोहम्मद राजा, अजय जगदीश कुमार, राजाबाबू रहीम, दिनेश रजक, मिथिलेश यादव, बलराम कश्यप और आकाश कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने नागपुर में केबल चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपी पहले से ही नागपुर के सदर थाना और मानकापुर थाना में दर्ज चोरी के मामलों में वांछित थे। इन मामलों में भी पुलिस को लंबे समय से उनकी तलाश थी।
गिरोह की गिरफ्तारी से लकड़गंज थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध तथा गणेशपेठ थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध का खुलासा हुआ है। दोनों मामलों में केबल चोरी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप दर्ज थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 लाख रुपए कीमत की हायड्रा क्रेन, 30 लाख रुपए का आयशर टेम्पो, 15 लाख रुपए मूल्य के बीएसएनएल केबल के टुकड़े, सात मोबाइल फोन तथा चोरी में उपयोग किया जाने वाला अन्य सामान जब्त किया। जब्त माल की कुल कीमत 85.98 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों की चिकित्सकीय जांच कर उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए जब्त माल सहित लकड़गंज पुलिस के हवाले कर दिया है। इस पूरे ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच की साइबर यूनिट ने भी महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता प्रदान की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह से पूछताछ में अन्य राज्यों और शहरों में हुई इसी प्रकार की चोरी की घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
Created On :   17 Jun 2026 2:34 PM IST














