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इंफ्लुएंसर्स की अपील: उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, नायलॉन मांजा से किसी की जान जोखिम में न डालें

- रील के माध्यम से संदेश
- उपयोग करने से रोकें
Nagpur News. शहर में नायलॉन मांजे को लेकर समाज के लोगों में धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है। प्रशासन भी रोज बेचने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। शहर के कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का मानना है कि नायलॉन मांजा न केवल इंसानों, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर रूप से हानिकारक है। उनका कहना है कि इसके उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इंफ्लुएंसर का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचाना है कि त्यौहार मनाना अपनी जगह है, परंतु किसी की जान जोखिम में डालना गलत है। वे इस विषय पर वीडियो, रील और पोस्ट के माध्यम से लोगों को संवेदनशील बनाने का काम कर रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की जाए
इंफ्लुएंसर्स का सामूहिक मत है कि केवल अपील पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रशासन को भी सक्रिय होकर नियमित कार्रवाई करनी होगी। उनका कहना है कि जब तक निर्माण, बिक्री और उपयोग तीनों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक हादसों को रोकना मुश्किल रहेगा। त्यौहार खुशियों का प्रतीक है, लेकिन उन खुशियों में किसी की जान जोखिम में न पड़े। इसी संदेश के साथ शहर के युवा इंफ्लुएंसर नायलॉन मांजे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
रील के माध्यम से संदेश
अमित गणवीर, इंफ्लुएंसर के मुताबिक पिछले तीन वर्षों से नागपुर महानगर पालिका के साथ मिलकर हम जागरूकता संबंधी वीडियो और रील तैयार कर रहे हैं। “#सेनोटूनायलॉनमांजा” जैसे हैशटैग के माध्यम से यह संदेश बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है। त्यौहार अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी इंसान या जानवर की जान जोखिम में डालना गलत है। अभिभावकों से विशेष रूप से अपील है कि वे बच्चों को सही दिशा दें, क्योंकि बच्चे वही करते हैं, जो माता-पिता सिखाते हैं। स्कूलों और ट्यूशन कक्षाओं में भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।
लोगों को समझाते हैं
स्माइल गोस्वामी, इंफ्लुएंसर के मुताबिक नायलॉन मांजा दिखने में भले साधारण लगे, लेकिन इससे बड़े हादसे हो सकते हैं। उड़ते हुए मांजे की धार के कारण राह चलते लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों को गंभीर चोटें लगती हैं। कई बार ऑपरेशन तक करवाने पड़ते हैं, जिससे शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। मेरी स्पष्ट मांग है कि नायलॉन मांजा बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, उनके लाइसेंस रद्द किए जाएं और इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। मैं स्वयं भी सोशल मीडिया के माध्यम से भावनात्मक वीडियो बनाकर लोगों को इसके दुष्परिणाम समझाने का प्रयास करती रहूंगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी वास्तविक खतरे को जान सकें।
उपयोग करने से रोकें
दिशा करेशिया के मुताबिक मकर संक्रांति के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग हैशटैग का उपयोग करते हुए जागरूकता फैलाने की विशेष मुहिम चलाई जाएगी। नायलॉन मांजे से होने वाली दुर्घटनाओं, घायल पक्षियों और प्रभावित लोगों के उदाहरण बताते हुए रील और वीडियो तैयार किए जाएंगे, ताकि लोग इससे होने वाले खतरे को महसूस कर सकें। हमारा उद्देश्य है कि लोग न केवल स्वयं इसके उपयोग से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके उपयोग से रोकें और सुरक्षित त्योहार मनाने का संदेश दें।
Created On :   5 Jan 2026 6:03 PM IST











