New Delhi News: अनुप्रिया ने कहा - एआई केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि सर्व - समावेशी बुद्धिमत्ता है

New Delhi News. केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत के लिए एआई केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता नहीं बल्कि सर्व-समावेशी बुद्धिमत्ता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब भारत स्वास्थ्य सेवा में एआई की बात करता है, तो यह केवल परिष्कृत एल्गोरिदम या सटीकता के वादे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मापन इस बात से होता है कि प्रौद्योगिकी किस सीमा तक लोगों के जीवन को प्रभावित करती है और देश भर में स्वास्थ्य संबंधी असमानताओं को दूर करती है।
अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान "नवोन्मेष से प्रभाव : सार्वजनिक स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली एआई" विषय पर एक सत्र में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। भारत की विशाल और विविध जनसंख्या, ग्रामीण-शहरी विभाजन और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों का दोहरा बोझ अद्वितीय चुनौतियां प्रस्तुत करते हैं। ऐसे संदर्भ में, उन्होंने बल देकर कहा कि प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एक अपरिहार्य सक्षमकर्ता बन जाती है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एआई को स्वास्थ्य सेवा के संपूर्ण क्षेत्र - रोग निगरानी और रोकथाम से लेकर निदान और उपचार तक - में एकीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘वन हेल्थ मिशन’ के तहत, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जीनोमिक निगरानी के लिए एआई-आधारित उपकरण लॉन्च किए हैं, जो जानवरों से मनुष्यों में संक्रमण होने से पहले ही संभावित पशुजन्य प्रकोपों का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम हैं
Created On :   17 Feb 2026 7:31 PM IST









