विश्व पर्यावरण दिवस: नाबार्ड ने प्राकृतिक खेती और जलवायु परिवर्तन पर की चर्चा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

नाबार्ड ने प्राकृतिक खेती और जलवायु परिवर्तन पर की चर्चा, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
  • वैज्ञानिकों, अधिकारियों, महिला किसानों और स्थानीय कृषक समुदायों ने भाग लिया
  • जलवायु परिवर्तन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ आजीविका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा

New Delhi News. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने केवीके उजवा के सहयोग से शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, महिला किसानों और स्थानीय कृषक समुदायों ने भाग लिया, जहां दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ आजीविका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि कृषि में पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। वक्ताओं ने दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते पर्यावरणीय दबाव जैसे मृदा उर्वरता में कमी, भूजल की लवणता और जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त की। किसानों को अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन अपनाने, मृदा परीक्षण कराने और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया गया।

यह कार्यक्रम केवीके उजवा के कार्यक्रम निदेशक डॉ. टी. के. राणा , नाबार्ड, नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक श्री नवीन कुमार रॉय और श्री विशाल शर्मा (उप महाप्रबंधक) के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

Created On :   5 Jun 2026 6:42 PM IST

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