दैनिक भास्कर हिंदी: तालाब में डूबने लगी 10 साल की बहन , 12 साल के भाई ने उसे बचाने लगा दी छलांग, दोनों की मौत

June 8th, 2020

डिजिटल डेस्क छतरपुर । जुझारनगर थाना क्षेत्र के खेराकसार गांव में रविवार को सगे भाई-बहन की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 12 वर्षीय बालक अमन अपनी छोटी बहन आयुषी (उम्र 10 साल) पिता वीरेंद्र सिंह के साथ तालाब में नहाने के लिए गया था। दोपहर लगभग एक बजे बहन जब तालाब में नहा रही थी। उसी समय वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बहन को तालाब में डूबता देख भाई अमन उसे बचाने के लिए प्रयास करने लगा। अमन को तैरना भी आता था, लेकिन ज्यादा गहराई होने की वजह से दोनों डूब गए। जब बच्चों के तालाब में डूबने की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला। तालाब से निकालने पर आयुषी की मौत हो चुकी थी। जबकि अमन जीवित था। आनन-फानन में अमन को गौरिहार अस्पताल ला जाया गया। लेकिन अस्पताल में डाक्टर के नहीं मिलने पर उसे लवकुशनगर लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी
तालाब से निकालने के बाद परिजन और गांव के लोग जिस एंबुलेंस से अमन को अस्पताल लाए, उस एबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। परिजनों का कहना है कि पानी में डूबने की वजह से अमन के शरीर में पानी भर गया था, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। परिजनों का कहना है कि अमन को अगर एंबुलेंस में आक्सीजन लग गई होती और गौरिहार में डाक्टर मिल गए होते तो उसकी जान बच जाती।
अस्पताल में डॉक्टर होते, तो बच सकती थी मासूम की जान
तालाब में डूबे अमन को जब तालाब से बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें चल रही थी। भाई बहन के पिता का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक एसडी प्रजापति को फोन भी लगाया, लेकिन न तो उन्होंने फोन उठाया और न अस्पताल पहुंचे। लिहाजा अमन को लवकुशनगर अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई। 
परिजनों के आरोपों की भी जांच कर रहे
भाई बहन की तालाब में डूबने से मौत के मामले में जुझारनगर पुलिस ने मर्ग कायम किया है। जुझारनगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि बच्चों के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं। उसकी भी जांच की जा रही है। दोनों बच्चों के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
 

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