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 100 टन कोयला लोड डम्पर सीएचपी की रिसीविंग पिट में फंसा - बाल-बाल बचा ऑपरेटर, बड़ी दुर्घटना टली

 100 टन कोयला लोड डम्पर सीएचपी की रिसीविंग पिट में फंसा - बाल-बाल बचा ऑपरेटर, बड़ी दुर्घटना टली

डिजिटल डेस्क सिंगरौली(वैढऩ)। एनसीएल अमलोरी परियोजना स्थित ओल्ड सीएचपी के रिसीविंग पिट में शुक्रवार को 100 टन क्षमता का डम्पर नबर 1381 कैटर पिलर के पास फंस गया। जिससे बड़ी दुर्घटना होते होते रह गई। इस डम्पर को ऑपरेटर बृजलाल चला रहे थे। बताया जाता है कि अमलोरी परियोजना के ओल्ड सीएचपी में कोयला अनलोड करते समय शुक्रवार को सुबह लगभग 6.20 बजे डम्पर के  दोनों साइड का पिछला टायर रिसीविंग पिट में चला गया। जिससे ऑपरेटर केबिन पूरी तरह ऊपर उठ गया। इस दुर्घटन में ऑपरेटर बाल-बाल बच गया। बचाव दल ने पहले ऑपरेटर को सुरक्षित तरीके से केबिन से उतारा, फि र उसी रिसीविंग पिट में लगी हुई ओवर हेड क्रेन 80 टन से डम्पर को पीछे से उठाकर पूरब तरफ  के रिसीविंग पिट साइड से कोयला अनलोड कराते हुए नीचे सपोर्ट देकर डम्पर को सीधा किया गया। जिसके बाद केबिन की तरफ  से क्रेन लगाकर डोजर से खींचकर डम्पर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 
सालों से टूटा है स्टॉपर 
बताया जाता है कि अमलोरी परियोजना के ओल्ड सीएचपी का रिसीविंग पिट में दोनों तरफ  का स्टॉपर सालों से टूटा हुआ है। जिसे परियोजना प्रबंधन ने सालों बाद भी नहीं बनवाया है। श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों द्वारा यह मुद्दा परियोजना स्तर के खान सुरक्षा समिति की बैठक में कई बार उठाया गया था। जिसे गत 24 अक्टूबर को पीएससी मीटिंग में यह मुख्य मुद्दा उठाया गया और चर्चा का विषय भी रहा। बताया जाता है कि ठेकेदार को एक वर्ष पहले ही काम दे दिया गया था, लेकिन रिसीविंग पिट के स्टॉपर को बिना बनाये ही चलाया जा रहा है। श्रमिक संगठनों द्वारा पिट को चलाने के लिए मना भी किया गया था। 
कर्ई बार हो चुकी है घटना
बताया जाता है कि उक्त पिट में ऐसी घटनाएं पहले भी कई हो चुकी हंै, जिसकी आज पुनरावृत्ति हो गई। लेकिन प्रबंधन की लापरवाही एवं मनमानी के आगे किसी की नहीं चल रही है। प्रबंधन द्वारा श्रमिक संगठनों का सुझाव नहीं माने जा रहे हैं। जिससे श्रमिक जान जोखिम में डालकर कार्य करने को मजबूर हो रहे हैं।
इनका कहना है
मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है, ओल्ड सीएचपी का रिसीविंग पिट में दोनों तरफ  का स्टॉपर के मरम्मत की कार्यवाही चल रही होगी।
राजेश चौधरी, कार्मिक  प्रबंधक, अमलोरी प्रोजेक्ट
 

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