दैनिक भास्कर हिंदी: पत्नी के साथ मिलकर भाभी की गोली मार कर हत्या, पुुश्तैनी मकान का था विवाद

February 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क, छतरपुर। अलीपुरा थानांतर्गत ग्राम देवता में देवर और देवरानी के साथ मिलकर भाभी की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी देवर और देवरानी मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

काफी समय से चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9: 00 बजे देवथा गांव की रहने वाला देवीदीन राजपूत अपने खेत पर पानी लगाने गया था। घर पर उसकी पत्नी सरोज राजपूत अपने बच्चों के साथ घर पर थी, तभी पुश्तैनी मकान के एक कमरे को लेकर मामूली विवाद पर सरोज राजपूत से उसके देवर का विवाद हो गया। यह विवाद कई वर्षों से चल रहा था, लेकिन आज फिर वही मामला सामने आने पर देवर जय सिंह सिंह राजपूत पिता प्यारे लाल राजपूत आग बबूला हो गया और उसने गुस्से में आकर आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 12 बोर बंदूक से भाभी के पैर एवं सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही सरोज जमीन पर गिर कर तड़पने लगी। सरोज को तड़पता देख आरोपी देवरानी ने भी उस पर हमला कर दिया। जिससे सरोज राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज से आसपास चीख-पुकार मच गई और मृतकर का पति दौड़ कर मौके पर आया तो देखा की पत्नी सरोज राजपूत खून से लथपथ उसी कमरे के सामने मरी पड़ी है,जिस पर विवाद चल रहा था। आनन फानन में अलीपुरा पुलिस को सूचना दी गई।

आदतन अपराधी है आरोपी
अलीपुरा थाना प्रभारी राजेश सिंह बघेल एवं नौगांव एसडीओपी लाल देव सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी जय सिंह राजपूत एवं उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है की आरोपी जय सिंह राजपूत अपराधी किस्म का व्यक्ति है तथा उसके पास कई प्रकार की अवैध  हथियार हैं, जिससे ग्रामीणों में तथा मृतक के परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।

मौके की स्थिति देख कर कोई भी व्यक्ति मृतिका के शव को वाहन देने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन पुलिस के दबाव में मृतक के पोस्टमार्टम के लिए नौगांव भेजा गया। पुलिस का कहना है की जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मृतिका के पति देवीदीन राजपूत की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार मृतिका के 3 बच्चे हैं। मृतिका और उसका पति देवीदीन अपने बच्चों के साथ आरोपी के डर से 12 साल तक ससुराल रबड़ी टोला में रहा करता था और अभी कुछ दिनों पूर्व ही परिवार सहित अपने गांव आया था।