दैनिक भास्कर हिंदी: अवैध निर्माण मामले में एक्ट्रेस कंगना को मिली राहत बरकरार

February 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को खार स्थित फ्लैट में कथित रुप से किए गए अनधिकृत निर्माण मामले में मिली अंतरिम राहत को 5 फरवरी 2021 तक बरकरार रखा है। इसके साथ ही अदालत ने रनौत से जानना चाहा है कि क्या वे अपने कथित अनधिकृत निर्माण को नियमित किए जाने की मांग को लेकर मुंबई महानगरापलिका के पास आवेदन करने की इच्छुक हैं?

मनपा ने साल 2018 में खार स्थित आर्चिंड ब्रिज नामक इमारत स्थित तीन फ्लैट को एक साथ मिलाने के मामले में रनौत को नोटिस जारी किया था। जिसे रनौत ने पहले दिंडोशी कोर्ट में चुनौती दी थी, किंतु पिछले दिनों कोर्ट ने इस मामले में रनौत के दावे को खारिज कर राहत देने से इंकार कर दिया था। लेकिन अपील करने के लिए 6 सप्ताह तक का समय दिया था। तब तक मनपा को रनौत के फ्लैट के खिलाफ कार्रवाई करने से रोक दिया था।   

मंगलवार को न्यायमूर्ती पीके चव्हाण के सामने रनौत की ओर से निचली अदालत के आदेश के खिलाफ की गई अपील पर सुनवाई हुई। अपील में रनौत ने मांग की है कि मुंबई मनपा की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगाई जाए। याचिका में रनौत ने कहा कि मनपा बदले की भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान रनौत की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता बिरेंद्र श्राफ ने कहा कि इमारत को बनाने वाले बिल्डर ने इमारत में अवैध निर्माण किया है। मेरे मुवक्किल ने कोई अवैध निर्माण नहीं किया है। इसलिए मनपा के नोटिस पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा मेरी मुवक्किल मनपा के पास अपने निर्माण कार्य को नियमित करने को लेकर आवेदन करने की इच्छुक है कि नहीं इस विषय पर समय दिया जाए।

इस पर मनपा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आस्पी चिनाय ने कहा कि याचिकाकर्ता के फ्लैट में आठ गड़बड़ियां हैं। नोटिस मिलने के बाद याचिकाकर्ता को 30 दिन के भीतर निर्माण कार्य को नियमित करने को लेकर आवेदन करना चाहिए था, लेकिन अब तीन साल की देरी हो चुकी है। अदालत चाहे तो इस देरी को माफ कर सकती है। इस तरह मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि 5 फरवरी 2021 तक निचली अदालत के आदेश को अमल में न लाया जाए और मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। 

 

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