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  • As an officer of Lokayukta, he asked for 40 thousand rupees from sarpanch. - Ajak Department's Poon accused, arrested

दैनिक भास्कर हिंदी: लोकायुक्त का अफसर बनकर सरपंच से मांगे 40 हजार रू. - आजाक विभाग का प्यून है आरोपी ,गिरफ्तार

November 5th, 2019

डिजिटल डेस्क रीवा । लोकायुक्त के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। ऐसी ही एक शिकायत पर मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने कलेक्ट्रेट से आजाक विभाग के प्यून को पकड़ा है। इस प्यून ने लोकायुक्त का अफसर बनकर एक सरपंच से चालीस हजार रूपये मांगे थे। प्यून का एक साथी भी था, जो हाथ नहीं आया है। लोकायुक्त की टीम ने कलेक्ट्रेट से आरोपी प्रदीप मिश्रा पिता स्व. छत्रपाल सिंह निवासी ग्राम बुढिय़ा थाना रायपुर कर्चुलियान को सिविल लाइंस पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। बताया गया है कि यह आरोपी आजाक विभाग के झिरिया स्थित हॉस्टल में प्यून के पद पर पदस्थ है और नेहरू नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहा है। 
साथी की तलाश
लोकायुक्त एसपी राजेन्द्र कुमार वर्मा ने फर्जी अफसर को पकडऩे की जिम्मेदारी डीएसपी बीके पटेल को दी। लोकायुक्त डीएसपी ने पूरी योजना तैयार की और मंगलवार को इस फर्जी अफसर को रूपये लेने के लिए कलेक्ट्रेट बुलाया गया। यहां उसके पहुंचते ही दबोच लिया गया। बताया गया है कि इस मामले में बोदाबाग निवासी तरूण मिश्रा का नाम भी आया है। इसकी तलाश भी की जा रही है। 
20 दिन से सम्पर्क में था
गंगेव जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पडुआ के सरपंच शेषमणि वर्मा से लोकायुक्त का यह फर्जी अफसर बीस दिन से सम्पर्क में था। बताया गया है कि 16 अक्टूबर को सरंपच  शेषमणि को फोन कर यह बताया गया कि लोकायुक्त में शिकायत है, रीवा आकर निराकरण कराओ नहीं तो प्रकरण दर्ज हो जाएगा। सरपंच 21 अक्टूबर को रीवा आया, जहां लोकायुक्त के फर्जी अफसर ने उसे गाड़ी से इधर-उधर घुमाते हुए चालीस हजार की डिमाण्ड रखी। सरपंच द्वारा पैसा न होने पर जबरन बैग देखा, जिसमें चेक बुक रखी थी। सरपंच से चालीस हजार का चेक ले लिया। यह चेक इलाहाबाद बैंक गढ़ शाखा का था। खाते में पैसा न होने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद फिर सरपंच से सम्पर्क किया। एक नवम्बर को कलेक्ट्रेट में फिर मुलाकात हुई और चालीस हजार कैश मांगे। सरपंच ने अपना चेक मांगा तो उसे भी वापस नहीं दिया। इसी दौरान सरपंच को कुछ संदेह हुआ और लोकायुक्त कार्यालय जाकर एसपी से शिकायत कर दी। जिस पर इस फर्जी अफसर को पकडऩे की योजना तैयार हुई।
इनका कहना है
 लोकायुक्त का फर्जी अफसर बनकर ठगी करने वाला एक और व्यक्ति पकड़ा गया है। आजाक हॉस्टल के प्यून ने लोकायुक्त अफसर बनकर सरपंच से चालीस हजार रूपये की मांग की थी। इस मामले में तरूण मिश्रा नामक युवक का नाम भी सामने आया है। यह प्रकरण सिविल लाइंस पुलिस को दे दिया गया है।
राजेन्द्र वर्मा, एसपी लोकायुक्त