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Ayodhya: भूमि पूजन के लिए तैयार रामनगरी, अयोध्या पहुंचे बाबा रामदेव, देखिए राम मंदिर की झलक


हाईलाइट

  • अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां पूरी
  • कड़ी सुरक्षा के बीच अयोध्या पहुंचें रहे मेहमान
  • प्रधानमंत्री मोदी कल करेंगे मंदिर का भूमि पूजन

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन के कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। आज सुबह से राम अर्चना के साथ हनुमान गढ़ी में विशेष पूजा हो रही है। भूमि पूजन की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। कल यानी 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे। पीएम रामलला के दर्शन करेंगे और 'पारिजात' के पौधे का रोपण भी करेंगे। जिसके बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। कल के समारोह में शामिल होने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव अयोध्या पहुंच गए हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी लखनऊ अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। 

भूमि पूजन के लिए अयोध्या के हर कोने को सजा दिया गया है। रामनगरी रोशनी से जगमगा उठी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, साथ ही कोरोना संकट के कारण नियमों का ख्याल भी रखा जा रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। भूमिपूजन में आमंत्रित अतिथियों का आज से ही अयोध्या में आगमन शुरू हो गया है। लगभग सभी मेहमान आज ही रामनगरी पहुंच जाएंगे। 

Updates: 

ऐसा दिखेगा राम मंदिर।

योग गुरु बाबा रामदेव अयोध्या पहुंचे।

राम मंदिर के शिलान्यास में शामिल होना सौभाग्य
योगगुरु बाबा रामदेव ने एक वीडियो ट्वीट कर लिखा, हमें सौभाग्य मिला है की हमारी आंखों के सामने भव्य राममंदिर के शिलान्यास में शामिल होने का अवसर मिला है।

रामजन्मभूमि स्थल पर रामार्चा पूजा
राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन से एक दिन पहले मंगलवार को रामार्चा पूजा हुई। जिसमें राम कथा और राम धुन का पाठ शामिल है। यह विशेष पूजा वाराणसी और अयोध्या के 11 पुजारियों ने की। राम जन्मभूमि परिसर में छह से सात घंटे तक पूजा चली। हनुमान गढ़ी मंदिर में भगवान हनुमान के पताका (ध्वज) की विशेष पूजा भी की गई। पूरा राम जन्मभूमि क्षेत्र गेंदे के फूलों से सजा हुआ है।

चार चरणों में रामार्चा पूजा
पुजारी सत्यनारायण दास ने बताया, रामार्चा पूजा चार चरणों में संपन्न होती है। पहले में भगवान राम को छोड़ अन्य सभी देवताओं की पूजा होती है। दूसरे में अयोध्या के साथ नल, नील, सुग्रीव की पूजा। तीसरे में राजा दशरथ और उनकी पत्नियां और भगवान राम के तीनों भाई, उनकी पत्नियों के साथ ही हनुमान भी पूजे जाते हैं। चौथे चरण में भगवान राम की पूजा होती है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा, पीला एक शुभ रंग है। हिंदू परंपरा में पीले रंग का उपयोग सभी समारोहों में किया जाता है। यह पवित्रता और प्रकाश का प्रतीक है। उन्होंने कहा, विभिन्न मंदिरों में हो रहे विभिन्न अनुष्ठानों का समापन बुधवार को प्रधानमंत्री द्वारा भूमिपूजन करने के साथ होगा।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आज शाम तक अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। वह उन पांच अतिथियों में शामिल होंगे जिन्हें बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर बैठाया जाएगा। मंच पर मौजूद होने वाले अन्य अतिथियों में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंदिर के निर्माण की देखरेख करने वाले राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास होंगे।

अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

अयोध्या के मणिराम दास छावनी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

पीएम मोदी तीन घंटे तक अयोध्या में ही रहेंगे
बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होगा। समारोह में शामिल होने के लिए आज ही सभी मेहमान अयोध्या पहुंच जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से मंगलवार की शाम को ही अयोध्या की सीमाएं सील कर दी जाएंगी।प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को करीब 11.30 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। पीएम तीन घंटे तक अयोध्या में ही रहेंगे। प्रधानमंत्री हनुमानगढ़ी मंदिर जाएंगे। अयोध्या में पीएम के कार्यक्रम का यह पहला पड़ाव होगा। इस दौरान पीएम हनुमानगढ़ी में प्रार्थना करेंगे। वहीं उनके स्वास्थ्य के साथ ही कोरोना पर नियंत्रण के लिए मंत्रोच्चारण भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि, श्रीराम मंदिर के ट्रस्ट की ओर भूमि पूजन के लिए कुल 175 लोगों को निमंत्रण भेजा गया है, इनमें करीब 135 संत शामिल हैं, जो कि देश के अलग-अलग हिस्सों से अयोध्या पहुचेंगे। हर निमंत्रण कार्ड पर एक कोड है, जो सुरक्षा के चलते तैयार किया गया है।

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