छग का नान घोटाला : मुख्यमंत्री ने ईडी को जांच करने लिखा पत्र,  भूपेश बोले - रमन सिंह के कहने पर एसीबी ने आरोपियों को बचाया

November 10th, 2022

डिजिटल डेस्क , रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बहुचॢचत ‘नान घोटला’ उछला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखकर इस घोटाले जांच की मांग की है। अपने पत्र में भूपेश ने लिखा है कि 2004 से 2015 के बीच हुए इस घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कहने पर एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) के अधिकारियों ने आरोपियों को बचा लिया। उनका कहना रहा कि आरोपियों के पास मिले दस्तावेजों में सीएम सर और सीएम मैडम को पैसा देने की बात दर्ज है, लेकिन उसको चार्जशीट में शामिल तक नहीं किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने मीडिया से चर्चा में ईडी को लिखे इस पत्र की जानकारी देते हुए कहा कि, मैंने ईडी को आज पत्र लिखा है कि, नान घोटाले में सीएम मैडम, सीएम सर सबके नाम आए हुए हैं। ईडी के पास पहले से ही जांच चल रही है। इसमें भ्रष्टाचार के स्पष्ट सबूत हैं। उस समय एंटी करप्शन ब्यूरो के जांच अधिकारी ने मीडिया के सामने आकर कहा था कि पैसा उस डोमेन में गया है जहां हम जा नहीं सकते, जांच नहीं कर सकते। बहुत सारे मीडिया हाउस के पास उसकी क्लिपिंग होगी। ईडी को मैंने पत्र लिखा है आप जांच कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस पत्र के 15 दिन बाद भी  ईडी ने जांच शुरू नहीं की तो न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।

शराब बंदी पर यह बोले
भास्कर ब्यूरो, रायपुर। शराबबंदी और महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर भाजपा द्वारा सरकार पर लगातार किये जा रहे हमलों के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा केंद्र का पूरा मंत्रिमंडल छत्तीसगढ़ घूमकर चला गया। स्मृति ईरानी आंदोलन करने आ रही हैं तो उनका भी स्वागत है। मध्यप्रदेश में तो भाजपा की ही सरकार है। वहां उनकी पार्टी के ही नेता शराबबंदी की मांग कर रहे हैं। वे क्या मप्र में शराब बंदी कराएंगी? भूपेश ने आगे कहा, शराब के अलावा मुंद्रा पोर्ट से जो सूखा नशा देश भर में सप्लाई हो रहा है, वहां पकड़ा भी गया है। क्या वहां भी कार्रवाई कराएंगी?