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 रिलायंस कोल माइंस में होलपैक के नीचे आयी कैम्पर, दो की मौके पर मौत

 रिलायंस कोल माइंस में होलपैक के नीचे आयी कैम्पर, दो की मौके पर मौत

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (वैढऩ)।  जब लोग दीपावली का पर्व मना रहे थे, एक निजी कोयला खदान में भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में दो कर्मचारियों की मौके पर मौत हो गयी। हादसा शाम तकरीबन 5.30 हुआ और तब से लेकर दूसरे दिन दोपहर बाद तक मृत कर्मचारी के परिजन कम्पनी के गेट के समक्ष धरना प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। नवानगर थाना क्षेत्र में स्थित रिलायंस की अमलोरी-मुहेर स्थित कोल माइंस में हुए हादसे में कई वर्षों से कार्य कर रहे खटकरी निवासी देवेन्द्र पांडेय और आदेश शाह पिता हीरालाल शाह उम्र 32 वर्ष निवासी अमलोरी की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि एक बोलेरो कैम्पर वाहन में रिलायंस के 4 कर्मचारी सवार थे। जो खदान के उस हिस्से में थे, जहां पर भारी भरकम होलपैक चलते हैं। बताया जा रहा है कि रिलायंस कम्पनी में अन्य कम्पनियों से अधिक भार क्षमता वाले डम्परों का उपयोग होता है। जिनके चलने वाले हॉलरोड पर आमतौर पर छोटे वाहनों का प्रवेश निषेध रहता है। लेकिन बीते शनिवार की शाम जब हॉलपैक डम्पर के नीचे कैम्पर वाहन आ गया तो कम्पनी में सुरक्षा इंतजामों की कलई खुल गई। कंपनी प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा वहां पर कई वर्षों से कार्य कर रहे युवा कर्मचारी देवेन्द्र व आदेश को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है। घटना के बाद जिला प्रशासन  के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया है लेकिन इस हादसे के कारणों को लेकर किसी प्रकार की बात सामने नहीं आ सकी है कि हादसा की वजह क्या है? प्रबंधन की खदान सुरक्षा अधिकारी भी मामले से दूरी बनाते रहे और कम्पनी की ओर से कोई भी अधिकारी घटना के कारणों की जानकारी लेने नहीं पहुंचा।
परिजनों में भड़का आक्रोश
घटना के बाद आयी लापरवाही को लेकर पूरी रात हंगामा चलता रहा। कर्मचारियों के परिजनों ने नौकरी व मुआवजा की मांग को लेकर कम्पनी प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों के साथ उनके गांवों से सैकड़ों लोग घटना से आक्रोशित हो उठे और कम्पनी गेट पर धरना प्रदर्शन करने लगे। उनकी मांग थी कि मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रूपये दिए जायें। बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व स्थायी नौकरी दी जाय, जिससे वे परिवार का पालन पोषण किया जा सके।
दोपहर बाद तक अड़े रहे आदेश के परिजन
हादासे में मृतक देवेन्द्र के परिजनों ने सुबह 6 लाख रूपये मुआवजा व 8400 रूपये आजीवन पारिवारिक निर्वाह भत्ता व बच्चों की शिक्षा के व्यवस्थाओं के आश्वासन पर शव का पंचनामा करा कर पीएम के लिए भेज दिया गया। लेकिन आदेश शाह की पत्नी व परिजन अड़ गये। पत्नी प्रियंका शाह ने कहा कि उनका पति कम्पनी में 7-8 वर्षो से नियमित नौकरी पर थे। इसलिए उन्हें 1 करोड़ रूपये बतौर मुआवजा दिया जाय। साथ ही 50 हजार रूपये वेतन वाली स्थायी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई के  नि:शुल्क इंतजाम किये जाये। दोपहर बाद अड़े परिजनों को समझाते हुए जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर मुआवजा व अन्य सुविधाएं देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव को मौके से पंचनामा कर उठाया गया।
खदान के अंदर सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
रिलायंस की अमलोरी मुहेर एंड मुहेर कोयला खदान के अंदर हुए हादसे में सुरक्षा इंतजामों की भारी चूक बतायी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि जिस जगह यह हादसा हुआ है वहां पर कैम्पर जैसे छोटे वाहन का पहुंच जाना ही अपने आप में बड़ी चूक है। कर्मचारी किसी न किसी काम से वहां पर भेजे गये होंगे, जिसे कम्पनी प्रबंधन छिपा रही है। हॉलपैक को चलने के लिए कम से कम 15 मीटर से अधिक का मार्ग चाहिए, उसके पीछे या अगल-बगल 40 मीटर तक कोई भी वाहन नहीं होना चाहिए। फिर यह कैम्पर कैसे वहां पर पहुंच गयी, इसको लेकर सवाल बना हुआ है। प्रथम दृष्टया खदान में अनिवार्य रूप से पालन किये जाने वाले डीजीएमएस के नियमों का सरासर उल्लंघन बताया जा रहा है।
सामने आयी कम्पनी प्रबंधन की संवेदनहीनता
एक साथ दो-दो कर्मचारियों की मौत की घटना के बाद भी कम्पनी प्रबंधन के अधिकारियों ने परिजनों और मीडिया कर्मियों से दूरी बनाए रखी। गेट पर ताला लगाकर अपनी सुरक्षा बढ़ा दी। किसी को भी घटना स्थल तक पहुंचने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाकर अपना पक्ष नहीं रखा जाना कम्पनी की संवेदनहीनता दिखायी दी। जिसको लेकर मृतकों के परिजन और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश वज्
 

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