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हैकिंग के जरिए कंफर्म रेल टिकटों को कैंसिल कर नये टिकट बनाने का गोरखधंधा - आरोपी पुलिस गिरफ्त में 

हैकिंग के जरिए कंफर्म रेल टिकटों को कैंसिल कर नये टिकट बनाने का गोरखधंधा - आरोपी पुलिस गिरफ्त में 

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (मोरवा)। सोमवार की दोपहर रेलवे के अधिकारियों और आरपीएफ के जवानों ने मोरवा के एक साइबर कैफे संचालक व उसके स्टाफ को दुकान से उठा लिया। उसकी दुकान में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर व अन्य उपकरण भी साथ ले गये। दो वाहनों में रेनूकूट से आयी टीम ने यह कार्रवाई करते हुए संचालक एसपी सोनी व उसके स्टाफ सूरज तिवारी को साथ ले गयी। यह कार्रवाई इतनी फुर्ती से की गई कि अगल-बगल वालों की जानकारी नहीं हो पायी। लेकिन उपकरणों को गाडिय़ों में रखने और दोनों को वाहनों में बैठाकर दुकान बंद करते हुए लोगों को आशंका हुई। तब तक रेलवे के अफसर और आरपीएफ कार्रवाई कर जा चुके थे।आरोप है कि यहां  शिव मंदिर के सामने स्थित सोनी साइबर कैफे से रेलवे आरक्षण, फोटो कापी व इंटरनेट से संबंधित कार्य के लिए ग्राहकों का आना जाना लगा रहता था। कई बार काफी भीड़ भी हो जाती थी जिसके कारण कार्रवाई के दौरान किसी का ध्यान नहीं गया। लेकिन जैसे ही दुकान में धमकने वाले अफसरों ने पकड़ कर जाने लगे लोगों में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सूत्रों की मानेें तो साइबर कैफे की आड़ में यहां से रेलवे के टिकटों को बिना आईडी या हेरफेर कर बनाया जा रहा था। कहा तो यह भी जा रहा है कि हैकिंग के जरिए कंफर्म टिकटों को कैंसिल कर नये टिकट बना दिये जाते थे। जिसके लिये ग्राहकों से मोटी रकम वसूली जाती है। इस कार्य के लिये वे रेलवे की बेवसाइट से छेड़छाड़ कर रहे थे। 
जांच के बाद होगा खुलासा
मामले की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आयेगी लेकिन अचानक हुई इस रेड से साइबर कैफे से किसी बड़े मामले के खुलासे की बू आ रही है। मामले पर जानकारी देते हुए आरपीएफ के एक अफसर ने सिर्फ इतना ही कहाकि साइबर कैफेे में रेड की गई है फिलहाल जांच की जा रही है लेकिन जांच प्रभावित न हो इसलिये अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। विशेषज्ञ इस मामले की गहराई तक जांच करने के बाद ही कुछ कह पायेंये। जिसके उपरांत मीडिया को जानकारी उपलब्ध करायी जा सकेगी।
 

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