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 सिंगरौली में खुलेंगे दो नए कोल ब्लॉक - मर्की बरका और धिरौली को सीएमपीडीआई ने दी हरी झंडी

 सिंगरौली में खुलेंगे दो नए कोल ब्लॉक - मर्की बरका और धिरौली को सीएमपीडीआई ने दी हरी झंडी

डिजिटल डेस्क सिंगरौली वैढऩ। यदि कोई बाधा नहीं आई तो सिंगरौली में जल्द ही दो और नए कोल ब्लॉक शुरू हो सकते हैं। इनमें एक है सरई के समीप मर्की बरका तो दूसरा है महान कोल ब्लॉक अमिलिया के समीप स्थित धिरौली कोल ब्लॉक। इन दोनों कोल ब्लॉक की तकनीकी जानकारी देते हुए कोयला मंत्रालय ने इनके ऑक्शन की प्रक्रिया को शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो साल में ढोंगरी ताल सेकेंड और सुलियरी कोल ब्लॉक के लिए अनुमति दी गई थी। इन दोनों ही कोल ब्लॉक में पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। दो नए कोल ब्लॉक शुरू होने से सिंगरौली परिक्षेत्र यानी मध्यप्रदेश के सिंगरौली और उत्तरप्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र को मिलाकर यहां कोल ब्लॉक की संख्या बढकऱ 16 हो जाएगी। 
दिग्गजों की लगीं नजरें 
धिरौली और मर्की बरका कोल ब्लॉक पर दिग्गजों की नजरें लग गई हैं। कहा जा रहा है कि कोयला संकट से जूझ रहे महान एल्युमिनियम बरगवां और एस्सार पावर, इसे हासिल करने के लिए जहां ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो मित्तल और अडानी भी इसे हाथ से नहीं जाने देने का प्रयास करेंगे। मित्तल और अडानी की नजर धिरौली कोल माइंस पर विशेष तौर पर है क्योंकि इसमें कोल ब्लॉक काफी बड़ा है, इसे हासिल करने के पीछे दोनों की नजर में एस्सार पावर प्लांट का होना है। कोल ब्लॉक मिलने के बाद एस्सार प्लांट को लेना आसान और फायदेमंद होगा। दूसरा धिरौली कोल ब्लॉक के कॉमर्शियल होने के कारण इसका कोयला ओपन मार्केट में बेचे जाने की अनुमति होना। 
मार्च में शुरू होगी प्रक्रिया
जानकारों के अनुसार नए कोल ब्लॉक के ऑक्शन की प्रक्रिया मार्च माह में शुरू होने की संभावना है। फिलहाल कोयला मंत्रालय ने दोनों नए कोल ब्लॉक का डिटेल देने के साथ ही इनसे संबंधित तकनीकी जानकारी देने के लिए नोडल अफसरों के नाम भी जारी कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि यदि सभी कुछ नार्मल रहा तो बहुत जल्द ही दोनों कोल ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।  
मर्की बरका में सीमित कोयला 
मर्की बरका के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार यह कोल ब्लॉक काफी छोटा होगा। यहां कोयले का सकल स्टॉक लगभग 72.05 मिलियन टन है। इसका माइनिंग प्लान जो बनाया गया है, उसमें पीक रेटेड केपेसिटी 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष बताई गई है। हालांकि यह कोल ब्लॉक पहले एमपी माइनिंग कॉर्पोरेशन को एलॉट किया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त किए गए कोल ब्लॉक में इसका भी नाम शामिल था। यहां किसी तरह की माइनिंग एक्टिविटी शुरू नहीं हो सकी थी। 
 

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