दैनिक भास्कर हिंदी: SP के तबादले को लेकर कांग्रेसी नेता आमने सामने

January 4th, 2019

डिजिटल डेस्क, छतरपुर। प्रशासनिक सर्जरी को लेकर कांग्रेस के स्थानीय नेता आमने सामने आ गए हैं। पुलिस अधीक्षक विनीत खन्ना के तबादला को लेकर यहां के दोनों नेताओं में जोर आजमाइस जारी है यही कारण है कि 24 घंटे में एक बार फिर एसपी का तबादला निरस्त हो गया। 3 जनवरी को  खन्ना की जगह राजाराम सिंह परिहार को एसपी छतरपुर बनाया गया और आज 4 जनवरी को यह आदेश निरस्त कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि एसपी खन्ना का तबादला दूसरी बार निरस्त हुआ है। इसके पूर्व भाजपा सरकार में चुनाव के पहले विवेक राज को छतरपुर एसपी बनाया गया था और बाद में यह आदेश निरस्त हो गया था क्योंकि विवेक राज केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के रिश्तेदार थे, उन पर आरोप लगना तय था। अब एक बार फिर यहां असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नए आदेश का इंतजार है।

क्यों बदला आदेश
जानकारी मिली है कि राजनगर विधायक विक्रम सिंह नातीराजा ने राजाराम सिंह परिहार की पदस्थापना कराई थी यह बात छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी को पसंद नहीं आई और वो भी अपनी पसंद का एसपी चाहते हैं। आदेश जारी होते ही आलोक चतुर्वेदी ने गहरी आपत्ति जताई और आदेश निरस्त कर दिया गया। आलोक चतुर्वेदी की पसंद का आदेश भी जारी नहीं हुआ। अब इन दोनों की पसंद से इतर नई पदस्थापना होगी ऐसा कहा जा रहा है ताकि दोनों का ईगो न टकराये।

सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक सर्जरी जिले में बड़े पैमाने पर आगामी लोकसभा चुनाव को मद्देनजर होनी है। इसमें विभाग प्रमुखों के अलावा अन्य अधिकारी भी निशाने पर हैं। कई थाना प्रभारी भी बदले जाएंगे, लेकिन एसपी की पदस्थापना के बाद ही अगली सूची तय होगी।

कानून व्यवस्था पर सवाल
भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिले की पुलिस व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगते रहे हैं । जिस्म फरोशी के धंधे में दलाली से लेकर बड़े अपराधों को लेकर पुलिस निशाने पर रही है। यहां तक कि ऑडियो जारी होने के बाद शहर के कोतवाल को हटाकर मामले को दबाया गया। रेत माफियाओं से पुलिस की सांठगांठ भी किसी से छुपी नही रही। रेत माफियाओं के बीच गैंगवार की घटनाएं भी हुई और पुलिस खनन में भागीदार बनी रही। सत्ता बदलने के बाद जरूर पुलिस हरकत में आई है और पुलिसिंग दिखाने का काम हो रहा है।