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मीटिर रीडिंग व बिजली बिल वितरण कराने में ठेका कंपनी टीएसआईपीएल फेल

मीटिर रीडिंग व बिजली बिल वितरण कराने में ठेका कंपनी टीएसआईपीएल फेल

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (वैढऩ)। उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी बेहतर व्यवस्थाएं मुहैया कराने में एक ठेका एजेंसी टीएसआईपीएल कंपनी की उम्मीदों को मटियामेल करने में लगी है। उसे न तो बिजली कंपनी की शाख की कद्र है और न ही बिजली उपभोक्ताओं की चिंता। यह बात हम नहीं बल्कि ठेका एजेंसी टीएसआईपीएल द्वारा दी जा रही आधी-अधूरी सेवाओं में काफी समय से झलकने लगा था। लेकिन इसके बाद भी बिजली कंपनी के स्थानीय अधिकारी इस ठेका एजेंसी टीएसआईपीएल की करतूतों पर पर्दा डालने पर लगे हैं। कमीशन के चक्कर में उपभोक्ताओं की सुविधा को दरकिनार करते हुये ये आला अधिकारी टीएसआईपीएल पर इस कदर मेहरबान हैं कि वह अपने फील्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों से भी इस ठेका एजेंसी की कमियां सुनने को तैयार नही हैं। मजबूर होकर ग्रामीण क्षेत्र के कई कनिष्ठ अभियंताओं ने टीएसआईपीएल द्वारा स्कोप ऑफ वर्क के अनुसार कार्य नहीं करने की शिकायत गत दिवस अधीक्षण अभियंता से की है। जिसमें उन्होंने टीएसआईपीएल पर कई गंभीर आरोप भी लगाये गये हैं। लेकिन इसके बाद भी अधीक्षण अभियंता स्तर से टीएसआईपीएल पर कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति वाला रवैया बना हुआ है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कमीशन के खेल में कंज्यूमर से जुड़ी तमाम सुविधाएं फेल हो रही हैं। 
टीएसआईपीएल पर आरोप
- पिछले 4 माह से ठेका एजेंसी के मीटर वाचकों द्वारा आवंटित क्षेत्र में डीटीआर व कंज्यूमर इंडेक्सिंग के कार्य की कोई जानकारी नहीं दी जा रही।
- ठेका की शर्तों के मुताबिक मीटर रीडरों को कम से कम 1 जीबी रैम व 5 मेगापिक्सल कैमरे का मोबाइल फोन नहीं उपलब्ध कराये जाने से फोटो मीटर रीडिंग की खराब व धुंधली फोटो ली जा रही है।
- उपभोक्ताओं को वितरित किये जाने वाले बिल की उपभोक्ताओं के हस्ताक्षरयुक्त पावती ठेका एजेंसी के लोगों द्वारा उपलब्ध कराना था। लेकिन पिछले 4 माह से इससे संबंधित कोई जानकारी नियमत: उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। 
- नियमत: ठेका एजेंसी के मीटर रीडरों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी भी आज तक नहीं उपलब्ध कराई गई है। 
- ठेका एजेंसी द्वारा अपने किसी भी मीटर रीडर को आज तक फोटो युक्त आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। 
- मीटर रीडिंग का कार्य स्थल ऑफिस इंचार्ज द्वारा तय होता है। लेकिन टीएसआईपीएल द्वारा बिना सूचना के मीटर रीडिंग का कार्य स्थल बदल दिया जाता है। 
- ठेका एजेंसी के मीटर रीडरों द्वारा घर-घर जाकर मीटर रीडिंग का कार्य न करके एक जगह बैठकर गलत व मनमानी रीडिंग की जा रही है। 
- ठेका एजेंसी के मीटर वाचक मूल कार्य के बजाय जेब भरने वाले अन्य कार्यों पर ज्यादा फोकस करते हैं। 
- टीएसआईपीएल के ग्रुप में कनिष्ठ अभियंताओं से आये दिन दुव्र्यवहार किया जाता है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।